Skip to content

नए मोबाईल के लिए वीरू बनी किशोरी को पुलिस ने ऐसे मनाया….

कोरबा / बच्चों की जिद कई बार परिवार के लिए परेशानी का कारण बन जाती है, लेकिन कभी-कभी यही जिद ऐसी स्थिति पैदा कर देती है,ऐसा ही एक मामला कोरबा जिले के एक गांव से सामने आया है, जहां नया मोबाइल फोन नहीं मिलने से नाराज एक मासूम बच्ची सीधे पेड़ पर जा चढ़ी,परिवार समझाता रहा, ग्रामीण मनाते रहे, लेकिन बच्ची अपनी बात पर अड़ी रही।

हालात बिगड़ते देख परिजनो ने आखिरकार पुलिस को सूचना दी,इसके बाद जो हुआ उसने न सिर्फ एक संभावित दुर्घटना टाल दी बल्कि लोगों को पुलिस का एक ऐसा चेहरा भी दिखाया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।

दरअसल ये पूरी घटना पसान थाना क्षेत्र अंतर्गत चैतमा चौकी के ग्राम घुंघुचुआ घुटीपारा की है, बताया जा रहा है कि एक नाबालिग बच्ची अपनी मां से नया मोबाइल फोन दिलाने की जिद कर रही थी,जब परिवार उसकी मांग पूरी नहीं कर पाया तो वह नाराज होकर घर के पास स्थित एक पेड़ पर चढ़ गई।

काफी देर तक परिजन उसे मनाते रहे लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई,धीरे-धीरे परिजनों की चिंता बढ़ने लगी उन्हें डर था कि कहीं बच्ची का पैर फिसल न जाए या कोई अप्रिय घटना न हो जाए,

सूचना मिलते ही चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, पुलिस चाहती तो बलपूर्वक बच्ची को नीचे उतारने की कोशिश कर सकती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अलग रास्ता चुना, उन्होंने पहले बच्ची का विश्वास जीतने की कोशिश की।

पुलिसकर्मी काफी देर तक बच्ची से दोस्त की तरह बात करते रहे,कभी उसे समझाया, कभी हंसाने की कोशिश की और कभी उसके सपनों के बारे में पूछा,धीरे-धीरे बच्ची का गुस्सा कम होने लगा,काफी कोशिशों के बाद पुलिसकर्मियों ने बच्ची से कहा कि यदि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगी और 12वीं कक्षा में अच्छे अंक हासिल करेगी तो “पुलिस अंकल” उसे मोबाइल फोन दिलाने में मदद करेंगे,

बस फिर क्या था यह बात बच्ची के दिल को छू गई  कुछ देर बाद वह मुस्कुराते हुए पेड़ से नीचे उतर आई, बच्ची को सुरक्षित नीचे देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली,लोगों का कहना था कि कई बार संवाद वह काम कर जाता है जो सख्ती नहीं कर पाती।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की भरोसेमंद साथी भी है।