Skip to content

सिंघीतराई विद्युत संयंत्र दुर्घटना: पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा प्रबंधन, राहत और सहयोग में जुटी कंपनी

सक्ती, 20 अप्रैल: सिंघीतराई (सक्ती) स्थित 2×600 मेगावॉट विद्युत संयंत्र में हुई हालिया दुर्घटना के बाद, कंपनी प्रबंधन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों के घावों पर मरहम लगाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। कंपनी न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि हर कदम पर पीड़ितों के साथ एक अभिभावक की तरह खड़ी है।

आर्थिक संबल और सुरक्षित भविष्य का वादा

​कंपनी ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की है, जिससे परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिल सके:

  • मृतक आश्रितों के लिए: 35 लाख रुपए की अनुग्रह राशि के साथ परिवार के एक सदस्य को रोजगार और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के प्रावधानों के तहत आजीवन पेंशन की सुविधा।
  • घायलों के लिए: प्रत्येक घायल को 15 लाख रुपए की सहायता राशि। साथ ही, उनके पूर्णतः स्वस्थ होने तक कंपनी द्वारा मासिक वेतन का निरंतर भुगतान किया जाएगा।

बेहतर चिकित्सा और निरंतर निगरानी

​घायलों के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार पर खुशी जताते हुए कंपनी ने बताया कि रायगढ़ और रायपुर के प्रमुख अस्पतालों में उन्हें विशेषज्ञों की देखरेख में उच्च स्तरीय इलाज मिल रहा है। गंभीर रूप से घायलों के लिए आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस की त्वरित व्यवस्था भी की गई है।

​अस्पताल में भर्ती कर्मचारियों के परिजनों ने भी कंपनी द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधि न केवल इलाज की निगरानी कर रहे हैं, बल्कि उनके ठहरने, भोजन और हर छोटी-बड़ी जरूरतों का भी विशेष ध्यान रख रहे हैं। परिजनों के अनुसार, मिल रहे बेहतरीन इलाज का ही परिणाम है कि घायलों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

सहयोग के लिए 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय

​प्रभावित परिवारों को हर समय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंपनी ने ‘वेदांता संवेदना केंद्र 24×7 हेल्पलाइन’ शुरू की है। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ के भीतर और बाहर के परिवारों तक पहुँचने के लिए विशेष टीमें रवाना की जा चुकी हैं, जो पीड़ितों के द्वार तक जाकर उन्हें हर संभव मदद मुहैया करा रही हैं।

कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह कठिन समय है, लेकिन वे प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। पीड़ितों की काउंसलिंग से लेकर उनके पुनर्वास तक, कंपनी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह सकारात्मक पहल न केवल प्रभावित परिवारों को संबल दे रही है, बल्कि एक जिम्मेदार कॉरपोरेट जगत की मिसाल भी पेश कर रही है।