कोरबा, 24 मार्च 2026: जल ही जीवन है, और इस जीवन को सहेजने के लिए वेदांता समूह की कंपनी बालको ने एक सराहनीय मिसाल पेश की है। विश्व जल दिवस के अवसर पर बालको ने अपने सामुदायिक जल संचय अभियान के तहत 150 से अधिक स्वयंसेवकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया।

जल संरक्षण: एक नज़र में उपलब्धियां
’मोर जल मोर माटी’ परियोजना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा बन गई है।
| संरचना का प्रकार | कुल संख्या | क्षमता (घन मीटर) |
|---|---|---|
| खेत तालाब | 129 | — |
| सामुदायिक तालाब | 15 | — |
| चेक डैम / लाइनिंग तालाब | 14 | — |
| कुल जल संरचनाएं | 158 | 2.30 लाख+ |
वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे 22,000 घन मीटर अतिरिक्त जल संग्रहण क्षमता विकसित हुई है।
खेती से लेकर मछली पालन तक: खुशहाली के नए द्वार
अब कोरबा के किसान केवल मानसून के भरोसे नहीं हैं। इस पहल ने किसानों के जीवन में बड़े बदलाव लाए हैं:
- बहुफसली खेती: पर्याप्त सिंचाई मिलने से किसान अब साल में कई फसलें ले पा रहे हैं।
- अतिरिक्त आय: लगभग 80 किसानों ने मछली पालन को अपनाया है, जिससे उन्हें हर सीजन में करीब ₹20,000 की अतिरिक्त कमाई हो रही है।
- पशुपालन में आसानी: जल स्रोतों के बढ़ने से मवेशियों के लिए पानी की समस्या खत्म हो गई है।
सफलता की कहानी: “मैं हमेशा से मछली पालन और सब्जी की खेती करना चाहती थी। बालको की योजना से मेरे खेत में तालाब बना और अब मेरी आय बढ़ गई है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अब पहले से काफी बेहतर है।”
— संध्या बाई, किसान (भाटगांव)
श्री राजेश कुमार (CEO एवं निदेशक, बालको):
”जल संरक्षण हमारे सतत विकास के लक्ष्यों का आधार है। ‘मोर जल मोर माटी’ के माध्यम से हम न केवल जल संसाधनों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन भी सुनिश्चित कर रहे हैं।”
पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव
इस अभियान का असर जमीन के ऊपर और नीचे, दोनों जगह दिख रहा है:
- भूजल स्तर में सुधार: जल संरचनाओं के कारण क्षेत्र का वॉटर लेवल बढ़ा है।
- पानी की बर्बादी पर रोक: बारिश का पानी अब बहकर बर्बाद होने के बजाय संग्रहित हो रहा है।
- मजबूत सामुदायिक संबंध: इस पहल ने स्थानीय निवासियों और कंपनी के बीच भरोसे का एक नया सेतु बनाया है।




