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बालको ने सुरक्षा को बनाया संस्कार: अत्याधुनिक ‘सेफ्टी पार्क’ का भव्य उद्घाटन

5,000 लोगों तक पहुँचा जागरूकता का संदेश; महिला कार्यबल ने संभाली अभियान की कमान

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने ‘सेफ्टी फर्स्ट’ (सुरक्षा प्रथम) के संकल्प को दोहराते हुए संयंत्र परिसर में एक अत्याधुनिक सेफ्टी पार्क की शुरुआत की है। कार्यस्थल पर शून्य क्षति (Zero Harm) के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह पार्क एक मील का पत्थर साबित होगा।

सीखने का नया तरीका: इंटरैक्टिव मॉडल और मॉड्यूल

​इस सेफ्टी पार्क की विशेषता इसके प्रैक्टिकल मॉड्यूल और विजुअल डिस्प्ले हैं। यहाँ कर्मचारी किताबों के बजाय इंटरैक्टिव मॉडल्स के जरिए सुरक्षित कार्य प्रणालियों को करीब से समझ और सीख सकेंगे।

“सुरक्षा हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। हम एक ऐसी संस्कृति बनाना चाहते हैं जहाँ हर व्यक्ति सुरक्षा को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझे।”

श्री राजेश कुमार, सीईओ एवं निदेशक, बालको

अभियान की मुख्य झलकियाँ

​इस वर्ष के सुरक्षा माह की थीम “सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोगों को शामिल करें, शिक्षित करें और सशक्त बनाएं” रही, जिसके तहत कई नवाचार किए गए:

  • नारी शक्ति का नेतृत्व: अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसका नेतृत्व महिला कर्मचारियों ने किया, जो औद्योगिक सुरक्षा में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
  • खेल-खेल में शिक्षा: सुरक्षा संदेशों को रोचक बनाने के लिए ‘सांप-सीढ़ी’ और ‘हैजर्ड हंट‘ जैसे गेम्स का सहारा लिया गया।
  • 5,000+ की भागीदारी: कर्मचारी, बिजनेस पार्टनर, छात्र और स्थानीय समुदाय के हजारों लोग इस मुहिम से जुड़े।
  • सम्मान और प्रोत्साहन: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ‘बेस्ट सेफ्टी परफॉर्मर’ और उनके परिवारों को ‘फैमिली कनेक्ट विद सेफ्टी चैंपियन’ से नवाजा गया।

उपलब्धियों का आसमान: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

​बालको की सुरक्षा प्रणालियों को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी सराहा गया है:

  1. ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल: इंटरनेशनल सेफ्टी अवार्ड (2026)।
  2. ग्रो केयर इंडिया: फायर एंड सेफ्टी श्रेणी में ‘प्लेटिनम अवार्ड’।

सामुदायिक सुरक्षा पर जोर

​संयंत्र की चारदीवारी से बाहर निकलकर बालको ने जन-सुरक्षा के लिए भी कदम बढ़ाए हैं:

  • ​सड़कों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड की स्थापना।
  • ​फायर सेफ्टी वर्कशॉप और रोड सेफ्टी प्रोग्राम का नियमित आयोजन।
  • ​हेल्थ चेक-अप कैंप्स के जरिए स्वास्थ्य जागरूकता।