कोरबा/रायपुर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के ट्रांसजेंडर कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर संस्थान और प्रदेश का नाम रोशन किया है। रायपुर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। विजेता प्रतिभागियों को देश की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात करने का गौरवपूर्ण अवसर भी प्राप्त हुआ।
यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत संस्था मिथवा संकल्प समिति द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एवं समाज कल्याण विभाग का सहयोग रहा। प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में हुआ, जिसमें आठ राज्यों से आए 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।
🏃♀️ व्यक्तिगत उपलब्धियों से बढ़ाया मान
आएशा, जो बालको में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, ने 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्णिम उपलब्धि हासिल की। उन्होंने कहा, “मेरे लिए खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। ट्रैक पर उतरकर मुझे एहसास हुआ कि मैं अपनी जिम्मेदारियों से आगे भी बहुत कुछ कर सकती हूँ।”
कुलेश्वर, सुरक्षा गार्ड, ने 100 मीटर दौड़ में दूसरा रनर-अप स्थान हासिल किया। उन्होंने बताया कि बालको में नियमित खेल आयोजनों से कर्मचारियों को सुरक्षित और प्रोत्साहनपूर्ण वातावरण मिलता है। “बालको प्रीमियर लीग और अन्य प्रतियोगिताएँ हमें टीमवर्क और आत्मविश्वास का मंच देती हैं, जो विशेष रूप से ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
वहीं अलका नागरवाड़े ने 800 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि अभ्यास और प्रदर्शन के लिए मिला प्रोत्साहन उनके आत्मसम्मान को सशक्त करता है। “दौड़ का हर पल मैंने पूरे उत्साह और गर्व के साथ जिया।”
🌟 समावेशी संस्कृति की मिसाल
यह सफलता केवल खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि बालको की समावेशी और प्रगतिशील कार्यसंस्कृति का प्रमाण है। कंपनी कर्मचारियों को कार्यस्थल से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे आने का अवसर देती है।
बालको द्वारा आयोजित बालको प्रीमियर लीग, बैडमिंटन टूर्नामेंट, वॉलीबॉल लीग और अन्य आंतरिक खेल प्रतियोगिताएँ कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देती हैं।
राष्ट्रीय मंच पर ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की यह उपलब्धि इस बात का प्रतीक है कि जब अवसर, प्रोत्साहन और सम्मान का वातावरण मिलता है, तो प्रतिभा नई ऊँचाइयाँ छूती है। बालको ऐसे ही प्रयासों के माध्यम से एक ऐसा कार्यस्थल विकसित कर रहा है, जहाँ हर व्यक्ति अपनी पहचान के साथ गर्व से आगे बढ़ सके।




