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पिस्टल और जिन्दा कारतूस के साथ एक गिरफ्तार,कोरबा पुलिस की कार्यवाई….

कोरबा/कोरबा शहर के सिविल लाइन थाना इलाके में बिहार के एक युवक को 6 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है,मामला पथर्रीपारा मोहल्ले का है. आरोपी युवक दीनदयाल मार्केट के श्रीराम डोरमेट्र में रुका हुआ था युवक को पकड़ने के बाद जब डॉरमेट्री की जांच की गई तब वहां भी 26 कारतूस पुलिस को मिले,

इस तरह युवक के पास से कुल 32 जिंदा कारतूस मिले हैं जिसे पिस्टल के साथ पकड़ा गया है,डॉरमेट्री के संचालक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिसने बिना किसी वैध दस्तावेजों को युवक को वहां ठहराया था,युवक पिस्टल और कारतूस के साथ जिले में क्यों आया था और किस मोटिव से वह पथर्रीपारा में 6 कारतूस और पिस्टल लेकर पहुंचा था,

इन सवालों पर पुलिस ने जांच की बात कही है पुलिस सूत्रों से ही यह बात निकल के सामने आई है कि यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है,शहर की एक युवती से बिहार के युवक का प्रेम प्रसंग था,दोनों के बीच बात बिगड़ने पर युवक पिस्टल और कारतूस लेकर शहर पहुंचा था,लड़की और उसके परिजनों की ओर से भी पुलिस को शिकायत देने की सूचना है,

पुलिस सूत्रों और मोहल्ले के कुछ लोगों से यह जानकारी मिल रही है कि युवक का शहर की युवती से प्रेम प्रसंग था. दोनों की मुलाकात फ्री फायर गेम के जरिया हुई थी. युवक से मिलने के लिए युवती कई बार बिहार जा चुकी है, इस दौरान शादी की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ. इसके बाद युवक पिस्टल और जिंदा कारतूस लेकर शहर में पहुंच गया, लड़की के परिजनों को भी जानकारी है. एक दिन पहले भी रात के समय युवक को पथर्रीपारा में देखा गया था. संभवत: युवती और उसके परिजनों ने कोरबा के एसपी कार्यालय में शिकायत की है.

पिस्टल और कुल 32 कारतूस के साथ पकड़े गए युवक पर कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है,जानकारी मिली है कि युवक का बिहार में भी आपराधिक रिकॉर्ड है यह एक अपराधिक बैकग्राउंड वाला व्यक्ति है,वह पिछले तीन-चार दिनों से कोरबा में मौजूद है और सिविल लाइन थाना इलाके आने वाले पथर्रीपारा मोहल्ले में देखा गया था फिलहाल पुलिस ने युवक को रिमांड पर भेजा दिया है,

वही श्री राम डॉरमेट्री के संचालक बबलू यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिस पर आरोप है कि उसने बिना किसी वैध दस्तावेज के बाहरी राज्य के युवक को अपने यहां ठहराया, होटल और डॉरमेट्री के लिए स्पष्ट नियम है कि जब भी वहां कोई व्यक्ति रुकता है,तब उससे वैध दस्तावेज लिए जाएं. लेकिन इस प्रकरण में ऐसा नहीं किया गया है,जिसके कारण पुलिस ने डॉरमेट्री का संचालक को भी गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है,