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दर्द और जवाबदेही के बीच अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश; सिंहितराई हादसे पर बोले- “दिल टूट गया है”

■ बेटे के निधन के बाद, पावर प्लांट हादसे में 25 साथियों को खोने का दुहरा आघात

■ एनटीपीसी-जीई की संयुक्त इकाई (NGSL) के हाथों में था प्लांट का संचालन

न्यूज़ डेस्क: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल वर्तमान में अपने जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं। साल की शुरुआत में अपने बेटे के निधन के व्यक्तिगत गहरे दुख से उबरने की कोशिश कर रहे अग्रवाल को 14 अप्रैल को सिंहितराई पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे ने अंदर तक झकझोर दिया है। इस दुखद घटना में 25 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

​सोमवार को सोशल मीडिया (एक्स) पर जारी एक भावुक बयान में उन्होंने अपनी पीड़ा और जिम्मेदारी के बिंदुओं को साझा किया।

“वक्त इम्तिहान लेता है…”

​अग्रवाल ने अत्यंत भावुक शब्दों में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खोया और अब इस हादसे में 25 बेशकीमती साथियों को। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली-भांति समझता हूँ।” उन्होंने इस घटना को ‘अननेचुरल’ और कल्पनातित बताया।

सुरक्षा पर सफाई: महारत्न एनटीपीसी-जीई पर जताया भरोसा

​हादसे के बाद उठ रहे सुरक्षा प्रोटोकॉल के सवालों का जवाब देते हुए अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि एथेना प्लांट का संचालन और रखरखाव का जिम्मा पूरी तरह से NGSL (NTPC और GE की साझेदारी) को सौंपा गया था।

  • अनुभवी हाथ: उन्होंने कहा कि प्लांट की कमान भारत की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनियों की संयुक्त टीम के पास थी।
  • वाहन और ड्राइवर का तर्क: उन्होंने तुलना करते हुए कहा, “यह वैसा ही है जैसे वाहन मालिक अपने वाहन को भरोसेमंद ड्राइवर को सौंपकर उम्मीद करे कि वह सुरक्षा नियमों का पालन करेगा, फिर भी हादसा हो जाए।”

सुरक्षा और जिम्मेदारी: वेदांता का संकल्प

​अग्रवाल ने जोर दिया कि वेदांता के हर अनुबंध (Contract) में ‘सेफ्टी’ सर्वोपरि है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अपने बेटे अग्निवेश सहित उन 25 साथियों को नमन किया, जिन्होंने इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाई।