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कोल इंडिया चेयरमैन का एसईसीएल दौरा-समीक्षा, निरीक्षण और कर्मयोगियों का हुआ सम्मान…


कोरबा/कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईंराम ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान एसईसीएल के गेवरा एवं कुसमुंडा क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण करते हुए संचालन, सुरक्षा, भविष्य की योजनाओं और कर्मचारियों के मनोबल को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए,दरअसल 3 अप्रैल 2026 को गेवरा हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन का आकलन किया तथा वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की।


बैठक में एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन सहित निदेशक मंडल के सदस्य और विभिन्न परियोजनाओं के महाप्रबंधक उपस्थित रहे, जबकि अन्य क्षेत्रों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा के दौरान पर्यावरण स्वीकृतियों, सुरक्षा मानकों, मानसून पूर्व तैयारियों, FMC, CHP, साइलो और रेल कनेक्टिविटी जैसे यांत्रिक डिस्पैच सिस्टम के बेहतर उपयोग, कैपेक्स योजनाओं और विविधीकरण परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष फोकस रहा।


चेयरमैन साईंराम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उत्पादन के साथ-साथ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने उपभोक्ताओं को “value for money” सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही वीटीसी, आईएसओ जैसे प्रशिक्षण एवं गुणवत्ता संस्थानों को और सशक्त बनाने तथा CSR गतिविधियों के विस्तार की आवश्यकता बताई।


दौरे के दौरान उन्होंने कुसमुंडा मेगाप्रोजेक्ट का विस्तृत निरीक्षण किया। नीलकंठ साकार व्यू पॉइंट से खदान का अवलोकन करते हुए उन्होंने माइन प्लान, उत्पादन लक्ष्य और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। इसके बाद NIML पैच, FMC सिस्टम, साइलो उपयोग और डिस्पैच प्रक्रिया का जायजा लेते हुए खनन गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा की।


इस अवसर पर चेयरमैन ने कर्मयोगियों का उत्साहवर्धन करते हुए विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया। 42 CuM शॉवेल ऑपरेटर, डोज़र ऑपरेटर, डम्पर ऑपरेटर, ड्रिलर, मेंटेनेंस और रिपेयर टीम सहित कई कर्मियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सराहा गया। साथ ही खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित कर टीम भावना को प्रोत्साहित किया गया।


पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
यह दौरा न केवल एसईसीएल के प्रदर्शन की समीक्षा का अवसर बना, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ।