कोरबा: क्या बस मालिक और एजेंट छत्तीसगढ़ से झारखंड-बिहार जाने वाले यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं? भाजपा नेता अनिल चौरसिया ने सीधे तौर पर बस संचालकों पर मनमानी का आरोप लगाया है।
- सरकारी रेट ₹600, वसूली ₹1000: चौरसिया ने पत्र में स्पष्ट किया है कि कैसे गरीब यात्रियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
- अमानवीय व्यवहार: स्लीपर बसों में यात्रियों को ठूस-ठूस कर बैठाना और तय नियमों का उल्लंघन करना अब आम बात हो गई है।
- प्रशासन से सख्त सवाल: अनिल चौरसिया ने मांग की है कि निर्धारित किराया ही लिया जाए और मनमानी करने वाले बस मालिकों पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही हो।
अंबिकापुर, गढ़वा, सासाराम और पटना जाने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत की मांग है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन ‘कद्दावर नेता’ की इस शिकायत को गंभीरता से लेकर धरातल पर कार्रवाई करता है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?




