कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में कोयला मजदूर सभा (HMS) के भीतर मची कलह अब खुलकर सामने आ गई है। एचएमएस के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष और जेसीसी सदस्य सुरजीत सिंह ‘हैप्पी’ ने अपने इस्तीफे के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में संगठन के शीर्ष नेतृत्व और क्षेत्रीय महामंत्री पर संगीन आरोप लगाए हैं। 31 मार्च 2026 को दिए गए इस्तीफे के बाद, सुरजीत सिंह ने मजदूरों के नाम संदेश जारी कर भ्रष्टाचार और तानाशाही का काला चिट्ठा खोला है।
महामंत्री पर पैसों की उगाही और तानाशाही का आरोप
सुरजीत सिंह ने कुसमुंडा के क्षेत्रीय महामंत्री अशोक कुमार साहू पर तीखे प्रहार करते हुए कई खुलासे किए:
- यूनियन फंड का निजी उपयोग: अशोक साहू पर मजदूरों के कार्यों के बदले पैसों की डिमांड करने और यूनियन फंड को अपनी निजी जरूरतों (डीजल, पेट्रोल, टोल टैक्स) के लिए इस्तेमाल करने का आरोप है।
- संगठन को दी गाली: सुरजीत सिंह का दावा है कि जब उन्होंने अनैतिक खर्चों पर रोक लगाने की कोशिश की, तो महामंत्री ने कहा— “भाड़ में जाए संगठन, मैं यहां सिर्फ पैसा कमाने आया हूं।”
- पिकनिक पार्टी का अपमान: सिंह ने बताया कि जब वे मजदूरों के हक के लिए धरने पर बैठे थे, तब महामंत्री पिकनिक मना रहे थे।
शीर्ष नेतृत्व के दोहरे मापदंड पर उठे सवाल
सुरजीत सिंह ने संगठन के केंद्रीय महामंत्री श्री नाथूलाल पांडे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा:
“चिरमिरी सम्मेलन में मंच से श्री रेशम लाल यादव जी को स्टीयरिंग कमेटी का मेंबर बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ। यह वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति संगठन के दोहरे मापदंड को दर्शाता है।”
इस्तीफे की बड़ी वजह
सुरजीत सिंह ने अपने इस्तीफे का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि विकास पाठक की चुगलखोरी, श्री नाथूलाल पांडे जी का पुत्र मोह और महामंत्री का तानाशाह रवैया इसके लिए जिम्मेदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस संगठन का एकमात्र उद्देश्य केवल ‘पैसा कमाना’ और ‘मजदूरों का शोषण’ रह गया हो, वहां रहना उनके स्वाभिमान के खिलाफ था।
क्या सुरजीत सिंह ‘हैप्पी’ के इन आरोपों के बाद अब कुसमुंडा कोयला क्षेत्र में कोई बड़ी जाँच होगी? क्या संगठन का शीर्ष नेतृत्व इन आरोपों का जवाब देगा?




