Skip to content

दुष्कर्म/पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुए पखवाड़े से अधिक समय बाद भी आरोपी पुलिस के गिरफ्त से बाहर…???

रायगढ़ /जिस रिश्ते में सुरक्षा की पूरी गारंटी का उम्मीद की जाती है, उसी रिश्ते से जुड़े व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगने से एक परिवार के सामने मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं, दरअसल छाल थाना क्षेत्र में नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले में उसके ही रिश्ते के मामा बताए जा रहे पुष्पेन्द्र गोयल उर्फ अमित गोयल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुए पखवाड़े से अधिक समय बीतने के बाद भी आरोपी तक पुलिस का नहीं पहुच पाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं..??

हालाकि मामा-भांजी का रिश्ता परिवार में स्नेह और अपनत्व से जुड़ा माना जाता है, ऐसे में इसी रिश्ते से जुड़े व्यक्ति पर नाबालिग से संबंधित इस तरह के गंभीर आरोप लगना मामले को और संवेदनशील बना देता है,फिलहाल मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज है और पुलिस की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी,और आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी,

 मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं, पुलिस ने आरोपी की तलाश में अब तक क्या कार्रवाई की है ? उसकी गिरफ्तारी में देरी की वजह क्या है ? क्या पुलिस को उसके संभावित ठिकानों की जानकारी मिली है ? इन सवालों पर पुलिस का स्पष्ट पक्ष सामने आना जरूरी है,

स्थानीय स्तर पर आरोपी से जुड़े कारोबारी गतिविधियों के जारी रहने की भी चर्चा है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है,यदि आरोपी फरार है तो उसकी तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई भी सामने आनी चाहिए,

पीड़िता और परिवार को न्याय का इंतजार- पॉक्सो जैसे संवेदनशील कानून के तहत दर्ज मामले में जांच की गंभीरता और समयबद्ध कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है,पीड़िता और उसके परिवार के लिए यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा से जुड़ा मामला भी है, अब निगाहें छाल पुलिस और रायगढ़ पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर हैं,आरोपी की गिरफ्तारी, जांच की प्रगति और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है,,,,