बेमेतरा/बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने यहां पदस्थ पटवारी ओंकार सुनवानी को 15 हजार रुपए की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस अचानक हुई छापामार कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग और स्थानीय सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है,भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि आम किसानों को अपने जमीन संबंधी जायज कामों के लिए भी किस तरह से सरकारी बाबुओं के चक्कर काटने पड़ते हैं।

दरअसल ग्राम केंद्र के रहने वाले किसान नरोत्तम अपनी जमीन से जुड़े एक जरूरी काम के लिए लंबे समय से पटवारी कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे,आरोप है कि उनके इस काम को जल्द पूरा करने के एवज में पटवारी ओंकार सुनवानी ने सीधे तौर पर घूस की मांग कर डाली।
दोनों के बीच यह पूरा सौदा 30 हजार रुपए में तय हुआ था, इस तय रकम की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपए का भुगतान किया जाना था, लगातार हो रही मानसिक परेशानी और आर्थिक शोषण से तंग आकर पीड़ित किसान ने हार नहीं मानी और इस पूरे मामले की गुप्त शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों से कर दी।
किसान की शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच की और शिकायत की सत्यता की पुष्टि होने पर आरोपी पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया, तय योजना के मुताबिक जैसे ही पीड़ित किसान नरोत्तम ने पटवारी ओंकार सुनवानी को पहली किस्त के 15 हजार रुपए सौंपे,
मौके पर पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने अचानक दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा, फिलहाल, भ्रष्टाचार निरोधक टीम आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर आगे की कड़ी पूछताछ कर रही है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




