विविध /हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे से होगी और इसका समापन 17 मई 2026 को रात्रि 01:30 बजे पर होगा।
चूंकि हिंदू धर्म में पर्व-त्योहार उदया तिथि के अनुसार मान्य होते हैं, इसलिए वट सावित्री व्रत 16 मई 2026, शनिवार को रखा जाएगा।

वट सावित्री व्रत 2026 शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:07 बजे से 04:48 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:04 बजे से 03:28 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:04 बजे से 07:25 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:57 बजे से 12:38 बजे तक
वट सावित्री व्रत पूजा विधि-
वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष के पास माता सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा रखें।
इसके बाद एक साफ लोटे में जल लेकर वृक्ष की जड़ों में अर्पित करें।
इस दौरान कुछ फूल भी वट वृक्ष के पास रखें और अक्षत, रोली और भीगे हुए चने भी अर्पित करें।
अब कुछ मौसमी फल लेकर वट वृक्ष के पास रखें और धूपबत्ती जला लें।
इसके बाद चारों ओर कच्चा सूत लपेटते हुए सात बार परिक्रमा करें।
वट सावित्री व्रत कथा का पाठ करें और सभी बड़ों का आशीर्वाद लें।
अंत में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा करें और व्रत से जुड़े नियमों का पालन करें।




