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शोशल-मिडिया पर हथियार लहराने वाले युवकों पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई…

रायपुर / आजकल युवाओ द्वारा अपनी हर गतिविधियों का रील बनाकर शोशल-मिडिया पर डालने की लत सी पड़ गई, पर अब सावधान हो जाइये ,क्योकि अब शोशल-मिडिया पर कानून की पैनी नजर जमी हुई है, और आप भी किसी झमेले में न पड़ जाये,

दरअसल होली पर्व से पहले दुर्ग जिले में सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन कर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है,

जिसकी विशेष मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तलवार, चाकू तथा अन्य धारदार हथियारों के साथ फोटो-वीडियो अपलोड करने वाले 27 युवकों की पहचान की गई।

इनमें से दो आरोपियों के खिलाफ छावनी थाना में आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जबकि शेष के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार यह अभियान त्योहार के मद्देनज़र शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया गया,सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान तकनीकी सेल और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की टीमों को ऐसे कई अकाउंट मिले, जिनमें युवक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए धारदार हथियार मंगाकर उनके साथ रील्स और तस्वीरें साझा कर रहे थे।

इन पोस्ट में हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया जा रहा था, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुछ युवकों ने होली से पहले ‘स्टेटस सिंबल’ और ‘रुतबा’ दिखाने के उद्देश्य से हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए थे।

पुलिस ने डिजिटल ट्रेसिंग, लोकेशन विश्लेषण और स्थानीय थानों के समन्वय से आरोपियों की तस्दीक की,कई मामलों में युवकों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी गई।

अभियान के दौरान छावनी क्षेत्र में दो युवकों के पास से धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर हथियार जब्त कर लिए। अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियार रखना और उनका सार्वजनिक या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शन करना गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर भी जोर दिया, करीब 300 युवकों और उनके अभिभावकों को थानों में बुलाकर समझाइश दी गई कि अवैध हथियार खरीदना, रखना या सोशल मीडिया पर दिखावा करना कानूनन अपराध है और इससे भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है,नाबालिगों द्वारा अपलोड की गई आपत्तिजनक पोस्ट उनके परिजनों की मौजूदगी में हटवाई गईं और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई।

पुलिस का सख्त संदेश – मामले में एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध हथियार रखने, ऑनलाइन मंगाने या सोशल मीडिया पर उनका प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी,उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक कंटेंट की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

त्योहार की आड़ में दहशत फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,पुलिस की इस कार्रवाई को आम नागरिकों ने स्वागतयोग्य कदम बताया है,त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर बढ़ती भ्रामक और उकसाऊ पोस्ट के बीच यह अभियान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।