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यहाँ बेखौफ बना रहें है घरेलू जरूरत के हर नकली सामान, ड्रायफ्रूट से लेकर कास्मेटिक-कपड़े,पनीर,खोआ सबकुछ…

रायपुर / जिधर देखो नकली सामानो का बाजार सजा हुआ नजऱ आ रहा है,यहाँ प्रदेश की राजधानी में तो नक्कालों ने धूम मचा कर रख दिया है, बेईमान नक्कालों ने ड्राय रूट से लेकर कास्मेटिक-कपड़े, पनीर, खोआ और अन्य घरेलू जरूरत के सामान तक नकली बना रहे हैं, कल देश की राजधानी में नकली टूथपेस्ट सेंसोडाइन और दूसरे ब्रांड के टूथपेस्ट नकली बनाकर बेचते हुए दिल्ली पुलिस ने दो लोगो को गिर तार किया है।

वहीं गुजरात में नकली पनीर जब्त हुआ है,अब तो ऐसे हालात बन चुका है कि हर चीज़ कहीं नकली न हो, पैसा ओरिजनल सामान का लेकर डुप्लीकेट प्रोडक्ट थमा दिया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या का संकेत है डाक्टरों की माने तो बाजार में मिलने वाले नकली खाद्य पदार्थ बीमारी का सबसे बड़ा स्रोत है,

नकली वस्तुओं के सेवन से तरह-तरह की बीमारी भी हो रही मसलन गैस, एसिडिटी, कब्ज, साँस लेने में तकलीफ, पीलिया, कैंसर, ब्लड प्रेशर और मत्वपूर्ण हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों से लोग जूझ रहे हैं लेकिन इसके बावजूद प्रशासन बेखबर है,जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी भी गंभीरता से नहीं निभा रहे हैं।

जबकि ये बात किसी से छुपी नहीं है कि तिल्दा नेवरा, भाटापारा के आसपास प्राय: हर दूसरे घर में नकली सामानों के उत्पादन के साथ पैकेजिंग भी हो रही है और प्रशासन हो या अन्य जिम्मेदार विभाग सब जांच के नाम पर चक्कर लगाकर अपनी कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं, नकली प्रोडक्ट उत्पाद करने वाले लोगों द्वारा ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पादों के नकली व अमानक जहरीले उत्पादों से आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ खुले आम कर रहे हैं।

पिछले दिनों रायपुर में भी कई क्विंटल नकली पनीर भी जप्त किया गया था अब नक्काल गुजरात में नकली पनीर बनाते धरे गए, नकली पनीर की फैक्ट्री राजधानी के पुरानी बस्ती,लाखेनगर, कटोरातालाब, श्यामनगर, टाटीबंध, शास्त्रीबाज़ार और शहर के अंदर गली मोहल्लों में बहुतायत से देखे जा रहे हैं।

नक्काल जनता को तो लूट रहे ही हैं सरकार को भी नहीं छोड़ रहे हैं, करोडो की जीएसटी चोरी कर ये सरकारी राजस्व में डाका डाल रहे हैं,इनका संगठित गिरोह है जो कुछ नेताओ के इर्दगिर्द घूमते रहते हैं और सामाजिक नेतागिरी करते है ऐसे लोग ही या तो खुद नकली प्रोडक्ट के बादशाह बने हुए हैं या नक्कालों को प्रश्रय देते हैं।

नेताओ के साथ फोटो देखकर पुलिस वाले और विभागीय अधिकारी भी कुछ नहीं कर पते जिससे इन नक्कालों का मनोबल बढ़ते ही जाता है, मंहगाई की वजह से लोग नकली खरीदने मजबूर: बढती मंहगाई के वजह से मध्यम और उसके नीचे तबके के लोगों को कम पैसे में सामान खरीदने में रूचि होने लगी है,

असली नकली से अब कोई सरोकार नहीं रहा गया है क्योंकि असली सामान की कीमत देने पैसे नहीं होते और नकली सामान हर कंपनी के हूबहू बाजार में कम दामों में मिल जा रहा है, इसी का फायदा नकली सामान बेचने वाले लोग उठा रहे हैं, आपको बता दें कि राजधानी में आसपास के छोटे शहरों और कस्बों में निर्मित बड़े ब्रांड के नकली उत्पाद धड़ल्ले से सप्लाई हो रहे है।

तिल्दा-नेवरा, भाटापारा, दुर्ग, भिलाई, चकरभाटा सहित राजधानी के आसपास नकली सामान बनाये जा रहे हैं। नकली काजू, बादाम के अलावा दवाइयां और अन्य खाने-पीने की वस्तुयें भी नकली तैयार की जा रही है, फूड एंड ड्रग से टी विभाग द्वारा भी नियमित चेकिंग नहीं की जा रही है जिसके चलते मार्केट नकली उत्पाद से अटा पड़ा है।

शिकायत करने पर सबंधित जगह पर छापेमारी की जाती है, लेकिन वह भी औपचारिकता निभाने के रूप में होती है,जबकि नियमित रूप से चेकिंग करना फूट एंड ड्रग सेफ्टी विभाग की जिम्मेदारी का हिस्सा है,पुलिस विभाग में भी नकली सामानों की जांच करने के लिए अलग से विंग नहीं है, जो नकली माल की जांच करे।

आम लोगों के साथ ब्रांडेड कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही हैं,क्योंकि पुलिस अपना मूल काम कानून व्यवस्था पर ध्यान रखे या इन नकली सामान बेचने वालों की खबर ले,देखा ये भी जा रहा है कि नकली उत्पाद की फैक्ट्रियां छुटभैये नेताओं की होती है या ये फैक्ट्री वाले इन छुटभैये नेताओं से नज़दीकी बना कर रखते हैं ताकि समय पर ये इन अवैध गतिविधियों को संचालित करने में इनकी मदद करें।

भाटापारा तिल्दा चकरभाटा और अन्य जगह ज्यादा उत्पादन : राजधानी सहित समूचे छत्तीसगढ़ में ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। न सिर्फ नकली प्रोडक्ट बिक रहे बल्कि इन नकली उत्पादों का निर्माण व पैकेजिंग भी छत्तीसगढ़ विभिन्न शहरों में ही हो रहा है। राज्य के खाद्य एवं औषधि व उपभोक्ता संरक्षण विभाग की उदासीनता से खाद्य पदार्थों से लेकर ब्रांडेड कंपनियों के इलेक्ट्रानिक्स, फैब्रिक्स, कास्मेटिक वस्तुओं के नकली उत्पाद राज्य में आसानी बेचे व बनाए जा रहे हैं।

भाटापारा-बिलासपुर नकली उत्पाद का मुख्य केंद्र राज्य के रायपुर, तिल्दा, भाटापारा, चकरभाठा, भिलाई-दुर्ग, रायगढ़, चांपा, धमतरी, बिलासपुर में नकली उत्पाद बनाने के कुटीर उद्योग चल रहे हैं। कई फैक्ट्रियां भी हैं जहां ब्रांडेड कंपनियों के हूबहू प्रोडक्ट तैयार और पैकेजिंग किए जाते हैं।

सूत्रों की माने तो देश की नामचीन और बड़ी कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद का राजधानी रायपुर गढ़ बन चुका है,सारे नकली सामान आसपास के इलाके से ही यहाँ लाया जाता है, यहां पर सक्रिय सिंडिकेट बड़ी कंपनियों के उत्पादों के हू-ब-हू नकली उत्पाद तैयार कर प्रदेश भर के बड़े बाजारों से लेकर गांव-कस्बों में इसे सस्ते दाम पर खपाया जा रहा है।