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बीच सड़क गर्लफ्रेंड पर पेट्रोल डालकर जिन्दा जलाया,घटना के बाद बॉयफ्रेंड हुआ फरार…

रायपुर/राजधानी रायपुर में एक बॉयफ्रेंड ने बीच सड़क में अपनी गर्लफ्रेंड पर पेट्रोल डालकर उसे जिन्दा जला दिया,घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने आग बुझाई और पीडिता को मेकाहारा अस्पताल लेकर गए,जहाँ इल्ज के दौरान गंभीर रूप से घायल महिला ने दम तोड़ दिया, वह करीब 60% तक झुलस चुकी थी,रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता सिन्हा ने पीड़िता की मौत की पुष्टि की है, मृतका की पहचान राजकुमारी साहू के रूप में हुई है जो आरंग की रहने वाली थी,

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था, बताया जा रहा है महिला शादी के बाद ससुराल पक्ष से अलग रह रही थी,वहीं, घटना के बाद आरोपी वीरू धीवर मौके से फरार हो गया है , पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है,पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है,जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा,हालांकि, अभी तक वारदात की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

दरअसल ये पूरा मामला माना थाना क्षेत्र का है, युवक ने कथित तौर पर महिला पर पेट्रोल डाल दिया और फिर उसे आग के हवाले कर दिया, पेट्रोल के कारण आग तेजी से फैल गई और महिला इसकी चपेट में आ गई, अचानक महिला को जलता देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया,

मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल महिला को बचाने की कोशिश शुरू की,लोगों ने किसी तरह उसके शरीर पर लगी आग बुझाई,इसके बाद घायल महिला को इलाज के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय यानी मेकाहारा ले जाया गया,घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई,सड़क पर इस तरह महिला पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने की घटना ने सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वारदात के समय आसपास मौजूद लोगों के बयान और घटनास्थल के नजदीक लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है,

मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि आरोपी पेट्रोल अपने साथ लेकर आया था या उसने घटनास्थल के आसपास से इसकी व्यवस्था की थी, यदि वह पहले से पेट्रोल लेकर पहुंचा था तो जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या हमला पूर्व नियोजित था, हालांकि इस संबंध में बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा,

युवक और महिला के बीच घटना से पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी होगी,दोनों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सकती है,पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही हमले की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी,घटना में महिला गंभीर रूप से झुलसी है,

ऐसे मामलों में घायल व्यक्ति की स्थिति को लेकर अस्पताल की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होती है। महिला की हालत को लेकर डॉक्टरों की ओर से पुष्टि होने से पहले उसकी स्थिति के बारे में किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसे मेकाहारा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया गया है।

इस घटना में स्थानीय लोगों की तत्परता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, महिला को आग की लपटों में घिरा देखकर आसपास के लोग पीछे हटने के बजाय उसकी मदद के लिए आगे आए,उन्होंने आग बुझाकर महिला को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की, समय पर आग बुझाए जाने और चिकित्सा सहायता मिलने से पीड़िता को तत्काल उपचार मिल सका,

इस तरह के मामले में आरोपी के खिलाफ लगने वाली धाराएं महिला की चोटों की गंभीरता, हमले के उद्देश्य, मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर तय होती हैं, इसलिए इस स्तर पर किसी निश्चित आपराधिक धारा या आरोप का उल्लेख आधिकारिक पुष्टि के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

पुलिस जांच में घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज अहम हो सकते हैं, इसके साथ ही पेट्रोल रखने के लिए इस्तेमाल किए गए कथित कंटेनर या अन्य सामग्री मिलने की स्थिति में उसे भी साक्ष्य के रूप में जांचा जा सकता है। वारदात के बाद आरोपी की स्थिति को लेकर भी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।