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संपत्ति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों का पंजीयन शुल्क हुआ सस्ता…

रायपुर / छत्तीसगढ़ में संपत्ति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों का पंजीयन पहले के मुकाबले अब काफी सस्ता हो गया है,राज्य सरकार द्वारा वसीयत, पारिवारिक बंटवारा, हक त्याग और गिफ्ट डीड जैसे पात्र दस्तावेजों के पंजीयन शुल्क में कटौती की गई है, जिसका असर सामने आने लगा है,

इन दस्तावेजों पर पहले लगने वाले 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क को घटाकर अब 500/- रुपये निर्धारित किया गया है, इससे लोगों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है और प्रदेश में ऐसे दस्तावेजों के पंजीयन की संख्या भी बढ़ी है, उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में इन श्रेणियों के कुल 37,842 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया,

इस अवधि में सरकार को करीब 43.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, पंजीयन शुल्क में कटौती से विशेष रूप से परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति हस्तांतरण, बंटवारा और अधिकार त्याग से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन में लोगों की रुचि बढ़ने की बात सामने आई है, नई व्यवस्था के तहत पात्र दस्तावेजों के पंजीयन में बड़ी बचत हो सकती है,

उदाहरण के लिए एक करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर पहले 0.8 प्रतिशत की दर से 80 हजार रुपये पंजीयन शुल्क देना पड़ता था,जो अब उसी श्रेणी के पात्र दस्तावेज के लिए 500/- रुपये पंजीयन शुल्क निर्धारित होने से 79,500/- रुपये तक की बचत हो सकती है, हालांकि, यह राहत सभी प्रकार की संपत्ति रजिस्ट्रियों पर लागू नहीं है,

यह व्यवस्था निर्धारित श्रेणी के पात्र दस्तावेजों के पंजीयन शुल्क से संबंधित है, सामान्य बिक्री विलेख यानी सेल डीड पर लागू शुल्क और स्टांप ड्यूटी को इससे अलग समझना जरूरी है,छत्तीसगढ़ में पंजीयन शुल्क घटने के बाद रायपुर जिले में सबसे अधिक दस्तावेजों का पंजीयन दर्ज किया गया है, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रायपुर में 5,324 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ,

इसके बाद दुर्ग जिले में 4,079 और राजनांदगांव जिले में 3,263 दस्तावेजों का पंजीयन दर्ज किया गया, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है,विभागीय जानकारी के अनुसार शुल्क में कमी से संपत्ति से जुड़े पारिवारिक दस्तावेजों के पंजीयन को प्रोत्साहन मिला है,

पंजीयन शुल्क में कटौती का लाभ उठाने वाले एक हितग्राही ने बताया कि पिता से मकान उपहार में मिलने पर पहले उन्हें 73,632/- रुपये पंजीयन शुल्क देना पड़ता, नई व्यवस्था के तहत पात्र गिफ्ट डीड के पंजीयन में केवल 500/- रुपये खर्च हुए,इस तरह उन्हें 73,132/- रुपये की बचत हुई,यह उदाहरण दर्शाता है कि परिवार के भीतर संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े पात्र दस्तावेजों पर शुल्क में कटौती से लोगों का आर्थिक बोझ कम हो सकता है,

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार मीणा के बताये अनुसार पंजीयन शुल्क घटाए जाने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संबंधित श्रेणियों के दस्तावेजों के पंजीयन में बढ़ोतरी हुई है, वसीयत, पारिवारिक बंटवारा, हक त्याग और गिफ्ट डीड जैसे दस्तावेज संपत्ति से जुड़े अधिकारों और पारिवारिक व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं,इनका नियमानुसार पंजीयन कराने से संबंधित दस्तावेजों का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है,

शुल्क में कमी का लाभ उठाने के लिए लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका दस्तावेज निर्धारित पात्र श्रेणी में आता है या नहीं.? इसके लिए संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय से लागू शुल्क, स्टांप ड्यूटी, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेना उचित होगा, छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से पात्र श्रेणियों में संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का पंजीयन कराने वालों को राहत मिली है,