रायपुर / नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए जा रहे सवालों का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रेस वार्ता के जरिए जवाब दिया है,उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशद्रोही आचरण पर उतारू हो गए हैं,एक आदतन अपराधी की तरह कार्य कर रहे हैं,

राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी हुई है,बीजेपी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडे, महामंत्री अखिलेश सोनी, नवीन मारकंडे, मीडिया प्रभारी हेमंत पाणिग्रही की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एसआईआर के मुद्दे पर मीडिया से चर्चा की,
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ तीनों चुनाव आयुक्त के संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस से साबित हो गया है, कि चुनाव आयोग में किसी तरह का मतभेद नहीं है,बल्कि कांग्रेस के तमाम दावे न केवल खोखले हैं, बल्कि जानबूझकर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की राहुल गांधी की सोची-समझी साजिश है,
चुनाव आयोग की प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है,यह फिर से साबित हो गया है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ और सनसनी फैलाने का काम कर रहा है और उसका झूठ फिर से एक बार बेनकाब हो गया है,आयुक्त ने अपने संयुक्त बयान में स्पष्ट कर दिया है कि एसआईआर का फैसला तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिया गया है,
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के चुनाव आयोग की दुनियाभर में साख है, दुनियाभर में सराहना होती है. लेकिन विपक्ष का यह सवाल उठाना कांग्रेस की हताशा का परिणाम है और कांग्रेस लगातार इस हरकत से बाज नहीं आती है, अखबार की जिस रिपोर्ट को आधार बनाया गया है, वह मात्र कोरी कल्पना के अलावा कुछ नहीं है,
कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए पत्र का जिक्र है, जिसका नीतिगत विषय से कोई संबंध नहीं है न वह एसआईआर से संबंधित है,वह एक सामान्य प्रशासकीय विषय है, केंद्रीय चुनाव आयोग केवल राष्ट्रपति के प्रति ही जवाबदेह है, इसीलिए कैबिनेट सचिव को किसी भी नीतिगत विषय पर पत्र लिखने का कोई तुक ही नहीं है न ही आयुक्तों ने ऐसा कोई पत्र लिखा है,
जिन विषयों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सहमति दे ही है, ऐसी विषयों पर कॉंग्रेस झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है,साय ने कहा कि कांग्रेस को बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाए तथ्यों को परखना चाहिए,कांग्रेस जनता की अदालत में पराजित होती है तो वो संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर अपना खीज निकालती है,
भारत देश की जनता बहुत अच्छे से जानती है कि हर एक चुनाव निष्पक्षता से हुए है,कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए,उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक आदतन अपराधी की तरह कार्य कर रहे है. राहुल गांधी को हर बार अपने कृत्य पर माफ़ी भी माँगनी पड़ती है,
लेकिन फिर भी वो बाज नहीं आते है राहुल गाँधी अपनी पुरानी आदतों पर आ जाते है,राहुल गाँधी की जितनी निंदा की जाए कम है,राहुल गांधी ईवीएम पर सवाल उठाते रहे है, लेकिन उसी ईवीएम से जीतकर उनके देशभर में 600 से अधिक विधायक हैं, लोकसभा सदस्य हैं राहुल गांधी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, ब्लैक बॉक्स कहते हैं, लेकिन क्या राहुल गांधी अपने पद से इस्तीफा देंगे-?
काांग्रेस पार्टी राहुल गांधी की अज्ञानता का शिकार होकर पेड़ की उसी डाली को काट रही है जिसमे वह बैठी हुई है,कांग्रेस की जिस थाली में खाती है, उसी में छेद करने की पुरानी आदत है राहुल गाँधी विदेशों में भी भारत को बदनाम करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते है,हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मंचों से सुप्रीम और न्यायपालिका पर सवाल उठाते रहते हैं,भारतीय सेना पर खून की दलाली जैसे शब्दों का प्रयोग करना बेहद शर्मनाक है,राहुल गाँधी को अपने कृत्य को लेकर पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए,पूरा देश चुनाव आयोग के साथ खड़ा है….




