रायपुर /छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों की भारी बारिश थमने के बावजूद रायपुर से लेकर बस्तर तक नदियां और नाले उफान पर हैं,यहाँ प्रदेश भर में उफनते जलस्रोतों की चपेट में आने से अब तक कुल 12 लोग बह गए ही जिनमें से 3 लोगों की मौत हो गई, रायपुर में खारुन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते रायपुर-दुर्ग को जोड़ने वाला पुराना पुल डूब चुका है और अमलेश्वर जाने वाला मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा,

वही दूसरी ओर धमतरी स्थित गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण में स्थित शबरी सेतु पूरी तरह जलमग्न हो गया है और पुल के करीब 7 फीट ऊपर से पानी बह रहा है,वहीं बलौदाबाजार के गिधौरी की निचली बस्तियों में भी बाढ़ का पानी भर गया है,

बात करें बस्तर संभाग में तो वहां बारिश थमने के बाद अब भी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार पानी आ रहा है,जिसके चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर शनिवार रात खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर यानी 12.56 मीटर तक पहुंच गया, जहाँ सुबह जगदलपुर के पास स्थित डोंगा घाट में बाढ़ के पानी में फंसे करीब 10 लोगों को वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया,
प्रशासन ने इंद्रावती नदी के तटीय और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है,राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके, इधर रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में महानदी का जलस्तर बढ़ने से सूरजगढ़, खफरापाली, फरसापाली, नवापाली, चांघोरी, सिंघपुरी, काकई मोहान, बाराडोली, नवापारा-ब और रायपाली गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सूरजगढ़ गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है और करीब 10 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया है,
लगातार बारिश के बीच गरियाबंद के राजापड़ाव क्षेत्र में एक कच्चा मकान गिरने से खामसिंग विश्वकर्मा (45), मैनाबाई और सुशांक विश्वकर्मा (7) सहित एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, उधर रायगढ़ के नंदेली गांव में भी देर रात कच्चा मकान ढहने से रोहणी महंत (40), रतन महंत (42) और शिवम महंत (13) घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है,




