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बिना अनुमति उडन-खटोले की सवारी,कटघोरा थाना पर पड़ गया भारी, बड़े साहब ने थानेदार समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कर दिया निलंबित–

कोरबा /ठगी के आरोपी को पकड़ने के लिए कटघोरा थाना प्रभारी ने बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के पुलिसकर्मियों के साथ हवाई यात्रा की, मामला सामने आने के बाद बिलासपुर आईजी ने कटघोरा टीआई एम. बी. पटेल समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया,कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है,

दरअसल ये पूरा मामला जेसीबी एजेंसी के नाम पर एक व्यापारी से 55 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा हुआ है,  आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कटघोरा थाने की पुलिस टीम को दिल्ली जाना था,और नियमानुसार पुलिस टीम को ये यात्रा ट्रेन से करनी थी,मगर थान प्रभारी एम. बी. पटेल ने पीड़ित व्यापारी से हवाई टिकट कराए और स्टाफ के साथ दिल्ली उड़ गए, इधर इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को मिलने के बाद मामले की जांच के आदेश जारी हो गए,

प्रारंभिक जांच में बिना अनुमति हवाई यात्रा करने और शासकीय नियमों का उल्लंघन करने की बात सामने आई,वही जांच में पांच हवाई यात्राओं समेत अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं,इसके बाद आईजी ने कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया,

 निलंबित पुलिसकर्मियों में निरीक्षक मोती बी. पटेल, कटघोरा थाना प्रभारी, उप निरीक्षक राम पाण्डेय, प्रभारी अधिकारी, प्रधान आरक्षक 381 गुनाराम सिन्हा, प्रधान आरक्षक 392 गोपाल यादव, प्रधान आरक्षक 35 राजेश कंवर, आरक्षक 747 प्रदीप राठौर, थाना कटघोरा, आरक्षक 41 सुशील यादव, साइबर सेल और आरक्षक 08 प्रशांत सिंह, रक्षित केंद्र कोरबा शामिल हैं,

आपको बता दें कि निरीक्षक एम. बी. पटेल को कुछ माह पहले ही कोतवाली थाना से कटघोरा थाना प्रभारी बनाया गया था,उनके निलंबन के बाद कटघोरा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू को सौंपी गई है, वहीं दीपका थाना की जिम्मेदारी धर्म नारायण तिवारी को दी गई है,

वही इस मामले में एसपी ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है,प्रारंभिक जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है,

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 55 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी को पकड़ने का दबाव था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार कर हवाई यात्रा करना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया,पीड़ित के रुपये से यात्रा करने और बिना अनुमति फैसला लेने को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।