रायगढ़ /सोशल मीडिया पर अनजान लोगों पर भरोसा कर कुछ भी शेयर या मित्रता करना हमेशा खतरनाक साबित हुआ है, इसके बावजूद लोग इसका शिकार बन रहे हैं ऐसी ही एक युवती को यह दोस्ती भारी पड़ गई,
दरअसल इंस्टाग्राम की ‘दोस्ती’ पीडिता के लिए धीरे-धीरे उसके लिए जी का जंजाल बन गई, शातिर जालसाज ने पहले युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसके पर्सनल फोटो- वीडियो हासिल किए, और फिर APK फाइल डाउनलोड कराकर उसके मोबाइल का एक्सेस अपने कब्जे में कर लिया, इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल!

बदनामी के डर से पीड़िता ने ब्लैकमेलर को 13 हजार रुपए भी ट्रांसफर कर दिए, लेकिन ब्लैकमेलर की हवस और पैसे की भूख खत्म नहीं हुई उसकी डिमांड से परेशान हो कर युवती आखिर कार पुलिस की शरण में पहुंची और मामला दर्ज कराया,
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साइबर थाना को आरोपी को पकड़ने का सख्त निर्देश दिया, जिसपर साइबर टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर से युवती के ऑनलाइन फ्रेड ब्लैक मेलर को धर दबोचा,
पुलिस के अनुसार इसका शिकार बनी लैलूंगा की एक युवती जिसकी इंस्टाग्राम पर मुजफ्फरपुर के रहने वाले अविनाश उर्फ राजा से पहचान हुई थी, जिस ने उसे अपनी मिट्ठी चुपड़ी बातों में इस तरह फंसाया कि उसके निजी फोटो ओर वीडियो हासिल किए ओर फिर चालकी से युवती को एक APK फाइल डाउनलोड कराई और उसका एक्सेस कोड हासिल कर लिया,
मोबाइल का पूरा कंट्रोल मिलते ही आरोपी ने पीड़िता के रिश्तेदारों को फोटो – वीडियो भेजने की धमकी देकर पैसे ऐंठने शुरू कर दिए डरी सहमी युवती ने तीन – तीन हजार दो बार ओर फिर 8 हजार रुपए उस के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए इसके बाद भी उसका पेट नहीं भरा ओर डिमांड जारी रही थी,
जिससे परेशान हो कर युवती ने पुलिस की शरण ली तब साइबर टीम ने उसका डेटा खंगाला ओर मुजफ्फरपुर से उसे दबोच लिया, पुलिस पूछताछ में आरोपी अविनाश चौधरी ने जो खुलासा किया वो चौंकाने वाला था,
उसने बताया की यूट्यूब से हैकिंग व ब्लैक मेलिंग के पैंतरे सीखकर इस वारदात को अंजाम दिया था, इस खुलासे से यह साबीत हो गया कि छोटा सा मोबाइल कितना बड़ा खतरा ओर अपराध के तरीकों का जरिया बन गया है, जो फिल्मी कहानियों की तरह नये नये अपराध को जन्म दे रहा है,
मामले में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक की टीम ने तकनीकी विश्लेषण व IP एड्रेस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की एस एस पी के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम तुरंत बिहार रवाना हुई और मुजफ्फर पुर के बेला थाना क्षेत्र से अविनाश चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया,
इस पूरी कार्रवाई में साइबर टीम ASI नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवर एवं संतराम कैवर्त) की सराहनीय भूमिका रही,




