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अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश-5 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार साथ ही दो फरार आरोपियों की तलाश जारी…

रायगढ़/ रायगढ़ शहर के चक्रधरनगर पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश,5 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार साथ ही दो फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने आरोपियों से चोरी की  21 बाइक की बरामद,रायगढ़, कोरबा, सक्ती एवं ओडिशा तक फैला था गिरोह का नेटवर्क,

दरअसल 11 जुलाई 2026 को कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर क्रमांक CG-11-AM-7998 के प्रकरण की विवेचना के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने थाना चक्रधरनगर पुलिस को मुखबिर तंत्र सक्रिय कर वाहन चोरों की पतासाजी के निर्देश दिए,

विवेचना के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की मोटर साइकिल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं,सूचना मिलते ही थाना चक्रधरनगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।

पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अनिल मिश्रा एवं अमृत बहादुर बताया,मोटरसाइकिल के संबंध में पूछताछ करने पर दोनों ने अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने के लिए ग्राहक तलाशना स्वीकार किया,

सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर नेहरू गार्डन के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया, थाना परिसर में गवाहों की उपस्थिति में आरोपियों से पृथक-पृथक पूछताछ कर मेमोरेंडम कथन लिया गया।

पूछताछ में सभी आरोपियों ने रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा एवं मालखरौदा क्षेत्र, ओडिशा के बरगढ़ तथा अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से संगठित तरीके से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया।

आरोपियों ने चोरी की गई मोटरसाइकिलों को आपस में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखा था,आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर अनिल मिश्रा के कब्जे से 10, अमृत बहादुर से 2, बोलो निषाद से 5 तथा चंद्रकुमार तिवारी से 4 मोटरसाइकिलें, कुल 21 चोरी की बाइक बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख है,

पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जो वर्तमान में फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है,

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अनिल मिश्रा एवं चंदन राय का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है, चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है, जबकि अनिल मिश्रा के विरुद्ध भी पूर्व में बाइक चोरी के कई अपराध दर्ज हैं,

आरोपियों ने पूछताछ में वाहन चोरी का अपना तरीका भी बताया- वे भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी कर विशेष रूप से कमला नेहरू पार्क जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाते थे,

गिरोह मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर एवं एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था और लॉक तोड़कर वाहन चोरी कर उन्हें अन्य जिलों एवं राज्यों में बेच देता था,