Skip to content

समस्या न बैलेट पेपर में है,न मतदाता सूची में और न ही EVM में,असली समस्या कांग्रेस के भीतर है-ओपी चौधरी

रायपुर / लम्बी चुनावी हार के बाद EVM और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और बिहार की कुल 28 सीटों के परिणामों में NDA ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की,

जबकि कांग्रेस के खाते में महज एक सीट आई,इस चुनावी प्रदर्शन को लेकर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, ओपी चौधरी ने कहा कि समस्या न बैलेट पेपर में है, न मतदाता सूची में और न ही EVM में,असली समस्या कांग्रेस के भीतर है,

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं का आत्मावलोकन करने के बजाय लगातार चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने और अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने में लगी हुई है,

वित्त मंत्री ने कांग्रेस के उस तर्क पर सवाल उठाया, जिसमें पार्टी EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रही है,उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से हुए MLC चुनावों के नतीजे भी कांग्रेस के लिए कोई उत्साहजनक तस्वीर पेश नहीं करते,

चार राज्यों की 28 सीटों में NDA की 16 सीटों पर जीत और कांग्रेस की केवल एक सीट पर सफलता पार्टी के संगठनात्मक प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है,

हालांकि महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराकर जीत दर्ज की,

लेकिन चार राज्यों के समग्र परिणामों में कांग्रेस की सफलता एक सीट तक सीमित रही, इसके विपरीत NDA ने 16 सीटों पर जीत हासिल की,कर्नाटक में NDA ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की,

ओपी चौधरी ने कांग्रेस को परिवारवाद और चापलूसी की राजनीति से ग्रसित पार्टी बताते हुए कहा कि जब किसी दल में योग्यता और जनाधार के बजाय चापलूसी को महत्व दिया जाने लगे, तो संगठन की मजबूती प्रभावित होती है,

कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी राजनीतिक दिशा, नेतृत्व और कार्यशैली का आत्मावलोकन करना चाहिए, राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि वे देश में अराजकता का माहौल बनाकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं,

उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक जड़ें बेहद मजबूत हैं,यहां की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और अराजकता की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी,

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस को चुनावी परिणामों से सबक लेते हुए अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए, हर हार के लिए चुनाव प्रणाली को जिम्मेदार ठहराने से राजनीतिक चुनौतियों का समाधान नहीं होगा…