देश /विदेश /पश्चिमी प्रशांत महासागर में तूफान चांपी ताकतवर होकर टाइफून में बदल गया है, फिलीपींस की मौसम एजेंसी के अनुसार इसके केंद्र के पास हवाओं की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की रफ्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है, तूफान गुआम और मारियाना द्वीपों की ओर बढ़ रहा है, एक अनुमान है कि मंगलवार तक यह सुपर टाइफून बन सकता है और आगे ताइवान की ओर बढ़ सकता है,

पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठा तूफान ‘चांपी’ अब और ताकतवर हो गया है. यह टाइफून में बदल चुका है और फिलहाल फिलीपींस के मौसम निगरानी क्षेत्र से बाहर है. फिलीपींस की मौसम एजेंसी PAGASA के मुताबिक, तूफान गुआम और मारियाना द्वीपों की ओर बढ़ रहा है. इसके साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं.
समाचार पोर्टल Inquirer.net की रिपोर्ट के अनुसार 17 अक्टूबर को सुबह 3 बजे तक चांपी फिलीपींस के पूर्वी विसायस इलाके से करीब 2,675 किलोमीटर पूर्व में था. इसके केंद्र के पास हवा की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जबकि हवा के तेज झोंके 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे थे. यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था.
फिलीपींस की मौसम एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, चांपी मंगलवार तक सुपर टाइफून बनकर फिलीपींस के निगरानी क्षेत्र में दाखिल हो सकता है. वहां पहुंचने पर इसे स्थानीय नाम ‘रोसल’ दिया जाएगा. अनुमान है कि यह तूफान फिलीपीन सागर के ऊपर से उत्तर-पश्चिम दिशा में ताइवान की ओर बढ़ेगा. फिलहाल इसके सीधे फिलीपींस के तट से टकराने की आशंका कम बताई गई है. हालांकि, अगले सप्ताह के आखिर में इसका असर देश के पूर्वी हिस्सों, खासकर उत्तरी लूजोन में महसूस हो सकता है.
जब समुद्र के ऊपर बना उष्णकटिबंधीय तूफान और ताकतवर हो जाता है, तो पश्चिमी प्रशांत महासागर के इलाके में उसे टाइफून कहा जाता है. ऐसे तूफानों के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. PAGASA चांपी के साथ तीन अन्य मौसम प्रणालियों पर भी नजर रख रही है.
इनमें इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ), उत्तर-पूर्वी हवाएं और पूर्व से आने वाली हवाएं शामिल हैं. इनका असर फिलीपींस के अलग-अलग हिस्सों में मौसम पर पड़ सकता है. फिलहाल मौसम एजेंसी तूफान की दिशा और उसकी ताकत पर नजर बनाए हुए है. इसके आगे बढ़ने के साथ ही यह साफ होगा कि फिलीपींस के किन इलाकों में इसका असर पड़ सकता है.




