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पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाले पति को न्यायालय ने सुनाया आजीवन कारावास,मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक गगन बाजपेई ने की थी…

सक्ती /सक्ती जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र में पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाले पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास से दंडित किया है, अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी सक्ती श्रीमती गंगा पटेल कोर्ट ने अपने सुनाए फैसले में आरोपी मनोज कुमार टंडन निवासी ग्राम सलनी, थाना जैजैपुर को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास सहित विभिन्न धाराओं में अतिरिक्त सजा और जुर्माना लगाया है।

अभियोजन के अनुसार, थाना जैजैपुर में मर्ग क्रमांक 01/2025 के तहत ममता कुमारी टंडन की संदिग्ध मौत की जांच की गई, मृतका की शादी को सात वर्ष से कम समय हुआ था इसलिए मामला संदिग्ध माना गया,मर्ग जांच के दौरान ये बात सामने आया कि आरोपी पति मनोज टंडन अपनी साली को मोबाइल पर फोन कर आपत्तिजनक अश्लील बातें करता था और अकेले मिलने पर उसके साथ संबंध बनाने का दबाव डालता था।जीजा के आये दिन की इस हरकत पर परेशान होकर साली ने ये बातें बड़ी बहन ममता को बता दी,

इसके बाद ममता ने इस संबंध में अपने पति से सवाल किया, जिससे बाद दोनों के बीच घर के ऊपरी कमरे में विवाद हो गया और विवाद के दौरान गुस्से में आकर आरोपी ने ममता के गले में पड़े गमछे से उसका गला घोंट दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, ममता कुमारी के शव को देखकर आरोपी बदहवास हो गया और अपनी करनी को छिपाने के लिए उसने हत्या में इस्तेमाल किए गए गमछे को तालाब के पास ले जाकर जलाने का प्रयास किया। गमछा पूरी तरह नहीं जलने पर उसने अधजले गमछे को गड्ढा खोदकर छिपा दिया।

जिसेके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ की जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया,वही उसकी निशानदेही पर अधजला गमछा बरामद किया गया और जब्ती की वीडियोग्राफी भी कराई गई, पंचनामा के दौरान मृतका के गले पर काले निशान पाए गए थे, 6 जनवरी 2025 को कराए गए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने मौत का कारण गला दबाने से दम घुटना बताया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह हत्या का मामला है।

पुलिस ने विस्तृत विवेचना के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 18 गवाहों के बयान कराए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा 103 बीएनएस के तहत आजीवन कारावास एवं 5000/- रुपये जुर्माना, धारा 238 (क) बीएनएस के तहत 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 3000/- रुपये जुर्माना तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2000/- रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक गगन बाजपेई ने की थी,