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अंतिम संस्कार के लिए अर्थी को कंधों पर उठाकर घुटनों तक कीचड़ और दलदल से गुजरने को मजबूर…

सक्ती / सक्ती जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं, यहाँ जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सोंठी में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए शव को कंधों पर उठाकर घुटनों तक कीचड़ और दलदल से गुजरने को मजबूर हो रहें है,

बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है, सड़क की स्थिति इस कदर बदहाल है कि कोई भी वाहन वहां तक नहीं पहुंच पता है,  ऐसे में ग्रामीणों ने मजबूरी में शव को कंधों पर उठाया और करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर श्मशान घाट तक पहुचते है,

अब सामने आए इस तस्वीरें और वीडियो को देखकर आप भी अंदाजा लगा सकते है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं  का कितना टोटा हैं, जिला मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद ग्रामीणों को आज भी पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल पाई है।

इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से श्मशान घाट तक जल्द से जल्द सर्व मौसम सड़क बनाने की मांग की है,यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है???