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NTPC में एक बड़ा हादसा- भरभरा कर गिरा 60 टन वजनी ऐश टैंक,दबकर हुई मजदुर की मौत,कई मजदूरों की मलबे के नीचे दबे होने की आशंका–

बिलासपुर /बिलासपुर जिले के सीपत स्थित एनटीपीसी प्लांट में एक बड़ा हादसा हो गया है, यहाँ यूनिट-5 में चल रहे एनुअल मेंटेनेंस के दौरान एयर प्री हीटर का प्लेटफॉर्म अचानक भरभराकर गिर पड़ा इसके नीचे 60 टन वजनी ऐश टैंक था जो सीधे नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर पड़ा, हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं,सभी घायलों को इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, मृतक की पहचान पोड़ी गांव निवासी घनश्याम साहू के रूप में हुई है,

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय यूनिट में बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे, जिनमें से कई अब भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है, हादसे के तुरंत बाद एनटीपीसी प्रशासन स्थानीय पुलिस फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं, युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया।

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शाम तक कुल पांच मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया जिनमें एक की मौत हो चुकी है,चार घायल मजदूरों में एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, इधर जैसे ही हादसे की जानकारी ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन और स्थानीय लोग एनटीपीसी गेट के बाहर जमा हो गए,

परिजनों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन उन्हें किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे रहा है,लोग रोते-बिलखते गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं,कई लोगों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया है,जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई है वही भीड़ को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है,

वही मामले में सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने बताया कि घटना यूनिट-5 में हुई है, जहां मेंटेनेंस का काम चल रहा था इसी दौरान एयर प्री फिल्टर का प्लेटफॉर्म अचानक टूटकर गिर गया,नीचे मौजूद मजदूर इसकी चपेट में आ गए,घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया,

जहां इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई,इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं,कुछ सप्ताह पहले मुंगेली जिले के सरगांव में एक निर्माणाधीन स्टील प्लांट की चिमनी गिरने से भी कई मजदूरों की जान जा चुकी है,अब एनटीपीसी जैसे देश के बड़े और जिम्मेदार ऊर्जा संस्थान में इस तरह की दुर्घटना होना चिंता का विषय बन गया है,

प्रबंधन और पुलिस दोनों ने जांच शुरू कर दी है,प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तकनीकी खामी या संरचनात्मक लापरवाही मानी जा रही है,हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि बाकी है,फिलहाल प्लांट में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं,बचाव कार्य जारी है और अभी भी सात से आठ मजदूरों के दबे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है,