नई दिल्ली /उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं,इस चुनाव में NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भारी मतों से जीत हासिल की है उन्होंने INDIA गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटो से हरा दिया है,आपको बता दें कि सीपी राधाकृष्णन को इस चुनाव में कुल 452 वोट मिले हैं जबकि इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 ही वोट हासिल हुए,
21 जुलाई को पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने खराब सेहत का हवाला देकर उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया गया,जिस वक्त उनके नाम पर मुहर लगी वे महाराष्ट्र के 24वें गवर्नर थे,उनके समर्थक उन्हें ‘तमिलनाडु का मोदी’ कहकर भी संबोधित करते हैं, अब जब वे भारत के नए उप राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं ऐसे में उनके अतीत पर भी नजर डालना जरूरी हो जाता है,


सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल हैं वो तमिलनाडु से आते हैं,उनका पूरा नाम चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन है संघ और बीजेपी से उनका गहरा नाता है,वो 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर हैं उनका राजनीतिक करियर करीब 4 दशकों का रहा है,उनका का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुप्पुर, तमिलनाडु में हुआ था उनके पिता का नाम सीके पोन्नुसामी और माता का नाम के जानकी अम्मल है,
वे दक्षिण भारत के पहले OBC नेता हैं जिन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है उन्हें सभी पक्षों में सम्मान मिलता है, वे महाराष्ट्र के राज्यपाल से पहले वो झारखंड में राज्यपाल रह चुके (18 फरवरी 2023-30 जुलाई 2024) हैं साथ ही तेलंगाना में मार्च से जुलाई 2024 तक अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे,
वहीं पुदुचेरी में अगस्त 2024 तक उपराज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में काम किया,इन्होंने आरएसएस और जनसंघ से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी,साल 1998 और 1999 में कोयम्बटूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनकर आए इसके बाद साल 2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष भी रहे सीपी राधाकृष्णन ने भाजपा संगठन में भी अहम भूमिका निभाई है,,


