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दुष्कर्मी को मिला 20 वर्ष का कारावास,07 वर्षीय बच्ची से किया था दुराचार….

जशपुर / जशपुर पुलिस द्वारा गंभीर एवं संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण में थाना प्रभारी एवं विवेचक जितेंद्र कुमार ताम्रकार की कुशल विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) अनुपम कुमार तिर्की की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के मात्र 23 दिवस में माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई है,

FIR दर्ज होने के मात्र 40 दिवस में भी प्रकरण में न्यायालय से सजा का निर्णय आया है, दरअसल थाना कांसाबेल में पीड़िता के पिता द्वारा दिनांक 13.08.2026 को लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई कि उनकी 07 वर्षीय बच्ची घटना दिन गांव के एक व्यक्ति के घर में टी.व्ही. देखते हुए खाना खा रही थी,

इसी दौरान आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू वहां आया और पीड़िता को “रोटी खाने चलो” कहकर अपने साथ ले गया, आरोपी पीड़िता को अपने घर ले गया और वहां पहुंचकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया,कुछ समय बीत जाने के बाद भी जब पीड़िता वापस नहीं आई तो उसके परिजन उसे खोजने लगे,

इसी दौरान गांव का एक व्यक्ति पीड़िता को लेकर वापस आता दिखाई दिया,पूछताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने बताया कि उसने आरोपी के घर की खिड़की से अंदर देखा तो पीड़िता कपडे पहन रही थी तथा आरोपी विनोद एक्का भी अपने कपडे ठीक कर रहा था, इसके बाद दिनांक 10.08.2026 को पीड़िता की मां ने उससे घटना के संबंध में पूछताछ की,

इस दौरान पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि आरोपी विनोद एक्का उर्फ छोटा दादू द्वारा उसके साथ गलत कृत्य किया गया है, पीड़िता द्वारा बताई गई घटना की जानकारी परिजनों को दी गई,घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के पिता द्वारा थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई,

रिपोर्ट के आधार पर थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 151/2026 पंजीबद्ध कर आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू के विरुद्ध धारा 65(2) बीएनएस एवं धारा 4, 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई,थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया,

पीड़िता एवं संबंधित साक्षियों के कथन दर्ज किए गए,पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तथा प्रकरण से संबंधित आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया गया,आरोपी का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया गया,विवेचना के दौरान प्रकरण से संबंधित दस्तावेजी एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को विधिवत संकलित किया गया,उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूर्ण करते हुए आरोपी के विरुद्ध धारा 96, 65(2), 127(2) बीएनएस एवं धारा 4, 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पत्र दिनांक 02.09.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया,

जशपुर पुलिस द्वारा प्रकरण में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए दिनांक 02.09.2026 को अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया,माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण की त्वरित सुनवाई करते हुए दिनांक 24.09.2026 को निर्णय पारित किया गया,

इस प्रकार अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के मात्र 23 दिवस के भीतर आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई,वहीं FIR दर्ज होने के 40 दिवस के भीतर न्यायालय से सजा का निर्णय आया, वही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस द्वारा गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा प्रभावी अभियोजन के माध्यम से आरोपियों को कानून के अनुसार दण्डित कराने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में निरंतर कार्यवाही की जा रही है,

उन्होंने कहा कि पॉक्सो के गंभीर प्रकरण में जशपुर पुलिस की कुशल विवेचना एवं विशेष लोक अभियोजक की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप 07 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय द्वारा 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है, गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में आरोपियों के विरुद्ध जशपुर पुलिस की सशक्त कानूनी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी…