रायगढ़ / स्थानीय उद्यमियों को बड़े उद्योगों से जोड़ने और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से भारत सरकार की रैम्प योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा जिंदल स्टील लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में जिंदल स्टील, रायगढ़ में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम के पहले दिन रायगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए एमएसएमई प्रतिनिधियों एवं स्थानीय उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, उद्योगों की आवश्यकताओं और नए व्यावसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिंदल स्टील रायगढ़ के कार्यपालन निदेशक श्री देबोज्योति रॉय ने किया। उन्होंने कहा कि मजबूत स्थानीय विक्रेता नेटवर्क किसी भी प्रतिस्पर्धी उद्योग की सबसे बड़ी ताकत होता है।
जिंदल स्टील गुणवत्ता, सुरक्षा, लागत प्रभावशीलता और समयबद्ध आपूर्ति के मानकों को पूरा करने वाले स्थानीय उद्यमों को अपनी सप्लाई चेन से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एमएसएमई प्रतिनिधियों से कंपनी के विभिन्न विभागों के साथ संवाद बढ़ाकर दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार, सीएसआईडीसी और पीएचडी चैंबर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम स्थानीय उद्योगों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करते हैं।
इससे पहले जिंदल स्टील के हेड कॉमर्शियल श्री सी. प्रभाकरण ने स्वागत भाषण में कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय एमएसएमई और बड़े उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हैं तथा नए व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
छत्तीसगढ़ रैम्प के श्री प्रवीण वी. ने बताया कि रैम्प योजना का उद्देश्य एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना, बाजार तक पहुंच आसान बनाना, तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा देना और संस्थागत क्षमता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एमएसएमई को बड़े उद्योगों से सीधे जोड़कर उनके लिए स्थायी व्यावसायिक अवसर तैयार करता है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीटीआईसी), रायगढ़ की महाप्रबंधक सुश्री अंजू नाइक ने छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत एमएसएमई के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों और सुविधाओं की जानकारी दी।
वहीं एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, रायपुर के सहायक निदेशक श्री अरविंद तिवारी ने एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उद्यमियों से उनका अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के प्रशिक्षक श्री राकेश तिवारी ने सरकारी खरीद में जेम पोर्टल की भूमिका बताते हुए कहा कि इससे एमएसएमई को देशभर के सरकारी खरीदारों तक पारदर्शी और आसान पहुंच मिलती है। तकनीकी सत्रों में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, दुर्ग के श्री फवाद खान एवं श्री अभिनव दास ने एमएसएमई सस्टेनेबल सर्टिफिकेशन योजना की जानकारी दी।
वहीं इनवॉइसमार्ट के सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर श्री आकाश साहू ने इनवॉइस फाइनेंसिंग और सप्लाई चेन फाइनेंस के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर के रेजिडेंट डायरेक्टर श्री सुमित दुबे ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहभागी संस्थाओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।




