
दरअसल यह पूरा मामला लैलूंगा के साप्ताहिक बाजार का है, यहाँ बीते 13 जून को इमलीपारा की रहने वाली 67 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका मरियम टोप्पो अपने पति के साथ बाजार में सब्जी खरीद रही थीं,इसी बीच भीड़भाड़ में अचानक पीछे से किसी ने उनके गले में झपट्टा मारा और 1 तोला (18 ग्राम) सोने की चैन खींच ली,जब उन्होंने मुड़कर देखा, तो उन्हें कुछ महिलाएं संदिग्ध हालत में नजर आईं।
दिन दहाड़े बाजार में झपटमारी की खबर फैलते ही वहां ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक पूनम साहू ने ग्रामीणों की मदद से तत्काल घेराबंदी की,उन्होंने मौके से भागने की कोशिश कर रही एक संदिग्ध महिला (मंगरीता गिरी) को धर दबोचा, पुलिस की कड़ी पूछताछ में उसने अपने एक और साथी दीपक गिरी का नाम उगल दिया, जिसे पुलिस ने बाजार से ही पकड़ लिया।
जब पकड़े गए दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ हुई, तो एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ, पता चला कि ये कोई आम चोर नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह हैं, इस गैंग में एक ही परिवार की 5 महिलाएं शामिल थीं जो बाकायदा एक चार पहिया वाहन ईको कार (CG 30 J 8035) में बैठकर बलरामपुर के कुसमी इलाके से सिर्फ मेलों और बाजारों में झपटमारी करने लैलूंगा आती थीं।
वारदात के तुरंत बाद गैंग की बाकी चार महिलाएं कार लेकर जशपुर जिले में अपने एक परिचित के यहां छुपने भाग गई थीं, लेकिन लैलूंगा पुलिस ने रात में ही जशपुर में दबिश देकर बाकी चारों महिला आरोपियों (रीला गिरी, राजमोहनी, सोनम गिरी और उर्मिला गिरी) को भी गिरफ्तार कर लिया,
पुलिस ने इस ‘लेडी गैंग’ के पास से लूटी गई 2 लाख रुपये कीमत की सोने की चैन (लॉकेट सहित), वारदात में इस्तेमाल 5 लाख रुपये की ईको कार और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, कुल 7 लाख रुपये का माल जब्त कर सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाई जारी है,




