रायगढ़ / रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है ,यहाँ किरोड़ीमल शासकीय जिला चिकित्सालय में पहली बार रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) की जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
इस सफलता के साथ जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, अब गंभीर स्पाइन संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों का महंगे इलाज के लिए जाना नहीं पड़ेगा,

रायगढ़ कलेक्टर के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत एवं सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं के समन्वय का ही परिणाम है कि जिला अस्पताल में पहली बार स्पाइन सर्जरी जैसी जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक की जा सकी, यह ऑपरेशन ओपी जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. पाढ़ी के सहयोग से संपन्न हुआ।
शल्य चिकित्सा टीम में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पटेल, डॉ. राजकुमार गुप्ता, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. पद्मलोचन पटेल, डॉ. ऊषा किरण भगत सहित ऑपरेशन थिएटर स्टाफ लाल कुमारी महंत एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मरीज लंबे समय से स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस (Lumbar Spine L4-L5) नामक गंभीर रीढ़ संबंधी बीमारी से पीड़ित था, इस बीमारी के कारण रीढ़ की नलिका संकरी हो जाने से नसों पर दबाव पड़ रहा था, जिससे उसे पैरों में झुनझुनी, असहनीय दर्द तथा कमजोरी की शिकायत थी।
स्थिति ऐसी हो गई थी कि उसकी सामान्य दिनचर्या और चलने-फिरने की क्षमता भी प्रभावित हो चुकी थी, चिकित्सकों ने अस्पताल में उपलब्ध नई सी-आर्म मशीन की सहायता से लेमिनेक्टॉमी एवं डिस्केक्टॉमी शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक की।
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है तथा दर्द, झुनझुनी और कमजोरी में लगातार कमी आ रही है, यह सफलता केवल एक मरीज के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रायगढ़ के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की बढ़ती क्षमता, विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रतीक है।
जिला अस्पताल में जटिल शल्य चिकित्साओं की सफल शुरुआत से आम नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही उपलब्ध होने का विश्वास मिला है।




