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ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के सबसे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश,सट्टे की काली कमाई को व्हाइट करने वाला-करन चौधरी का नेटवर्क ध्वस्त,साथी पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल सहित गिरफ्तार…

रायगढ़ /ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के सबसे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश, ब्लैक मनी को हवाला के नोट से व्हाइट करने वाले संगठित गिरोह पर रायगढ़ पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई,एक करोड़ से अधिक नकदी, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल और वित्तीय लेनदेन के अहम साक्ष्य बरामद, संगठित अपराध की धाराओं में कार्रवाई,सट्टे की काली कमाई को व्हाइट करने वाला-करन चौधरी का नेटवर्क ध्वस्त,साथी पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल का हवाला कनेक्शन के सबूत, तीनों गिरफ्तार,

दरअसल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है,पुलिस ने जिले में संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केवल जुए तक सीमित नहीं था,

 बल्कि इसके जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन, ब्लैक मनी के संचलन, हवाला नेटवर्क और आर्थिक अपराधों का पूरा संगठित तंत्र सक्रिय था,इस कार्रवाई में पुलिस ने सट्टे से अर्जित अवैध धन को वैध स्वरूप देने के प्रमाण जुटाते हुए तीन प्रमुख आरोपियों करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख  81 हजार 300 रुपये नकद, एक नोट गिनने की मशीन, चार मोबाइल फोन तथा अन्य सामग्री सहित कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है,

मामले का खुलासा करते हुए SP शशिमोहन सिंह ने प्रेस को बताया कि दिनांक 26 अप्रैल को साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर एवं घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश देकर छह आरोपियों – 1. सोनू देवांगन पिता रूपेन्द्र देवांगन उम्र 21 वर्ष निवासी नया गंज कोष्टापारा रायगढ़ थाना कोतवाली रायगढ़ 2. हर्षित देवांगन पिता स्व० अनन्त राम देवांगन उम्र 24 वर्ष पेशा कैफे सेन्टर निवासी नया गंज कोष्टापारा रायगढ़  

3. भरत गोयल पिता सुभाष गोयल उम्र 22 साल सा. लैलुंगा रोड घरघोडा 4.गौतम भोजवानी पिता श्याम भोजवानी उम्र 26 साल सा. कन्या शाला के पीछे साईराम कालोनी घरघोडा 5. लक्ष्मीनारायण सिदार पिता चंदन सिंह उम्र 28 साल सा. वार्ड नं. 13 घरघोडा 6. सागर गुप्ता पिता विनोद गुप्ता उम्र 27 साल सा. वार्ड नं. 02 कन्या शाला के पीछे घरघोडा 7  मोबाईल कीमती करीब ढाई लाख रूपये नगदी रकम- 15,490 रूपये की जप्ती हुई थी ।

 मामले में आरोपियों के विरूद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 218/2026 धारा 4, 7 छ0ग0 जुआ प्रतिषेध अधिनियम और थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 147/2026 और 148/2026 धारा 7 छ0ग0 जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई किया गया ।

प्रारंभिक कार्रवाई में मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और नगदी बरामद हुई थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने रायगढ़ के खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर पूरे नेटवर्क के संचालन की जानकारी दी। 

इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और फाइनेंशियल एनालिसिस के जरिए पूरे सिंडिकेट की परत-दर-परत जांच शुरू की।

      जांच में सामने आया कि आरोपी करन चौधरी लंबे समय से रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन कर रहा था, सट्टे से प्राप्त बड़ी रकम को सीधे अपने पास न रखकर वह परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप करता था, जिसे बाद में हवाला चैनल के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क के अहम हिस्से थे और सट्टे से प्राप्त ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का कार्य कर रहे थे।

पुलिस ने करन चौधरी से मिली सूचना पर कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापेमार कार्रवाई की, जहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया गया,वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद तथा दो मोबाइल जब्त किए गए। 

इससे पहले करन चौधरी के कब्जे से नगदी और मोबाइल फोन बरामद किया गया था, इलेक्ट्रॉनिक डाटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल सट्टेबाजी नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट के रूप में संचालित हो रहा था।

जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपने निजी बैंकिंग या डिजिटल अकाउंट का उपयोग करने के बजाय कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के खातों एवं मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। करण चौधरी के विरुद्ध पूर्व में थाना कोतवाली थाना चक्रधरनगर में जुआ-सट्टा के 4 मामले दर्ज है ।

 इसके अलावा थाना कोतवाली में करन पर मारपीट, रंगदारी, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित, अपहरण और अन्य गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं तथा उस पर पूर्व में आरोपी करन चौधरी के आपराधिक कृत्य पर आदतन बदमाश होने पर प्रतिबंधात्मक धारा 110 CrPC और धारा 107,116(3) CrPC के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है।

 लगातार आपराधिक गतिविधियों, आर्थिक लाभ के उद्देश्य से गठित नेटवर्क और सामूहिक अपराध संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी प्रकरण में जोड़ी गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि फरार अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।