कोरबा। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने इंटरनेशनल प्राइड मंथ के अवसर पर संयंत्र और समुदाय में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य कार्यस्थल और समाज में समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना और एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के प्रति संवेदनशीलता को विकसित करना रहा।
प्राइड मंथ अभियान की खास बात रही ‘डायवर्सी दी’ नामक शुभंकर की लॉन्चिंग, जो पूरे माह चले इस अभियान का प्रतीक रही। कार्यक्रमों में बालको के कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों एवं स्थानीय समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सामुदायिक जागरूकता के लिए विविध आयोजन
अभियान के तहत मूवी स्क्रीनिंग, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन प्रतियोगिता, प्राइड मार्च और संवेदनशीलता कार्यशाला जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में करीब 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशालाओं में लैंगिक समानता, समावेशी समाज, और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
संयंत्र परिसर में भी प्राइड मार्च, पोस्टर प्रतियोगिता और एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों में भागीदारी ने समावेशी कार्यस्थल की सोच को मजबूती प्रदान की।
नेतृत्व की प्रतिबद्धता
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने प्राइड मंथ की शुभकामनाएं देते हुए कहा,
“यह अभियान समाज में समानता, गैर-भेदभाव और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। बालको, छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संस्थाओं में एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के लिए संवेदीकरण सत्र आयोजित करने में अग्रणी है। हम समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड की सराहना
छत्तीसगढ़ तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड की सदस्य एवं मितवा संकल्प समिति की सचिव रवीना बरिहा ने कहा,
“बालको की यह पहल सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि तीन वर्ष पूर्व शुरू की गई यात्रा का हिस्सा है। यहां एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के सदस्य सुरक्षा एवं शॉपफ्लोर जैसे अहम विभागों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।”
कर्मचारियों के अनुभव
बालको में कार्यरत देवसेना ने बताया,
“उच्च शिक्षा मेरा सपना था, लेकिन नौकरी के साथ उसे पूरा करना कठिन था। बालको की एजुकेशन पॉलिसी ने मुझे आर्थिक सहयोग देकर सशक्त बनाया है। आज मैं आत्मविश्वास के साथ प्रोफेशनल डेवेलपमेंट कोर्स कर पा रही हूं।”
समावेशिता के लिए नीति और समर्थन
बालको ने ‘विविधता, समानता और समावेशिता चार्टर’ के अंतर्गत कई प्रगतिशील नीतियों को लागू किया है:
जेंडर रीअफर्मेशन लीव्स एंड कॉम्पेंसेशन पॉलिसी: ₹2 लाख का एकमुश्त अनुदान एवं 30 दिन की सवेतन छुट्टी
आवास सहायता: ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधा
फाइनेंशियल सपोर्ट फॉर हायर ऑफ ट्रांसजेंडर एम्प्लॉई पॉलिसी: व्यावसायिक शिक्षा हेतु ₹1 लाख तक की वित्तीय सहायता
बालको की यह पहल समावेशिता को व्यवहार में उतारने की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो सामाजिक बदलाव के साथ-साथ सशक्त भारत की परिकल्पना को भी बल देती है।