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5 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले पॉक्सों कोर्ट ने सुनाई 20 साल की कठोर सजा,तत्कालीन थाना प्रभारी शनिप रात्रे व SI दीपिका निर्मलकर ने किया था मामले की विवेचना…..

रायगढ़/ कबाड़ी वाले ने 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले पॉक्सों कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की कठोर सजा सुनाई है,शासन की ओर इसकी पैरवी लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने की थी, वही मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी शनिप रात्रे व दीपिका निर्मलकर ने किया था,दरअसल आरोपी कोतवाली थाना क्षेत्र में केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पास से बच्ची को अपने साथ कबाड़ बिनने के बहाने ले गया और सुनसान जगह में ले जाकर घटना को अंजाम दिया था,

पुलिस के डायरी के अनुसार बच्ची को वह अपने साथ जबलपुर ले गया था,जहां माशूम से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देकर 3 दिन तक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था,पुलिस ने बच्ची को आरोपी के कब्जे से बरामद किया और आरोपी को जेल भेज दिया,

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आपको बता दें कि घटना 11 अगस्त 2023 की है,जहां एक महिला अपनी 5 साल की बेटी और 10 साल के बेटे को लेकर केवड़ाबाड़ी बस स्टैण्ड के यात्री प्रतीक्षालय में रहती थी और पास के एक होटल में काम करती थी,वहीं आरोपी कैलाश राजपूत निवासी कासाबेल जिला जशपुर कबाड़ बिनने का काम करता था और बस स्टैण्ड के यात्री प्रतीक्षालय में रहता था,घटना वाले दिन मां की तबीयत खराब थी जिसके कारण वह सो रही थी दोनों बच्चे खेल रहे थे,

इसी बीच शाम 4 बजे बेटा अपनी मां को जगाते हुए बताया कि बहन को कैलाश राजपूत बुलाकर कहीं ले गया है,जिसके बाद आसपास खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नही चला,जिसके बाद मां ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 363, 368 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया,

15 अगस्त 2023 को पीड़िता को जबलपुर के सेवा भारती मातृछाया से बरामद कर रायगढ़ लाया गया और आरोपी को भी हिरासत में लिया गया,पूछताछ में बच्ची ने बताया कि आरोपी कैलाश राजपूत कबाड़ बिनने के लिए अपने साथ ले गया था, जहां रेलवे स्टेशन में रखा और सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ गन्दा काम करने की कोशिश करता रहा,पीड़िता के चिल्लाने पर उसके साथ मारपीट करते हुए मारकर फेंकने की भी धमकी देता था,

पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 323, 506, 366 (क) 376 (2) (ढ) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 06 पास्को एक्ट जोड़ते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया,जहां दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी पास्को न्यायालय के पीठासीन अधिकारी देवेन्द्र साहू ने आरोपी कैलाश राजपूत को सभी धारा के आरोप में दोष सिद्ध पाया और अलग-अलग धाराओं में कुल 20 साल के कठोर कारावास और 8 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया है,