रायगढ़ /रायगढ़ जिले में तमनार ब्लाक के मुड़ागांव में महाजेंको की कोल माईन्स के लिए पेड़ों की कटाई का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है,मामले को लेकर 2 दिन पहले ग्रामीणों ने तमनार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है तो अब वहीं कलेक्ट्रेट पहुंच कर ग्रामीणों ने ग्राम सभा को फर्जी करार देते हुए जाचं की मांग करते एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,

दरअसल तमनार ब्लाक के मुड़ागांव में महाजेंको कंपनी का कोल ब्लॉक प्रस्तावित है,वहीं पेड़ों की कटाई तथा कोल ब्लाक का स्थानीय ग्रामीण शुरू से विरोध कर रहे हैं,दूसरी ओर ग्राम सभा में प्रस्ताव पर सहमति देने के मामले में ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने जिस ग्राम सभा को आधार बनाकर जनसुनवाई की है, वह ग्राम सभा का प्रस्ताव ही फर्जी है,


और जिस जयशंकर राठिया नामक व्यक्ति की अध्यक्षता में ग्राम सभा कराई गई है, उस नाम का कोई व्यक्ति ही गांव में नहीं है। ग्राम सभा की जो तारीख दस्तावेजों में बताई गई है उस तारीख पर ग्राम सभा हुई ही नहीं है,ऐसे में उस क्षेत्र के सरपंच पंच सहित ग्रामीण आज कलेक्टर से मिलने आए थे और उन्होंने लिखित में मामले की शिकायत दर्ज कराई है,
उन्होने कलेक्टर को 8 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा है जिसमें कहा गया है कि ग्राम मुड़ागांव पांचवीं अनुसूची क्षेत्र है तथा यहां पेशा कानून लागू है,वहीं जिस 75 एकड़ वन भूमि को कोयला उत्खनन करने के लिए आंबटित किया गया है, उस भूमि मुड़ागांव ग्राम सभा को वन अधिकार मान्यता कानून के तहत सामुदायिक वन अधिकार पट्टा प्राप्त है,
इस परियोजना के लिए मुड़ागांव ग्राम सभा ने किसी भी प्रकार का प्रस्ताव नहीं दिया है,परियोजना के लिए 27 सितंबर 2019 में जनसुनवाई करवाई गई थी, जिसका ग्रामवासी सहित आस पास के क्षेत्र के रहवासियों ने भी पुरजोर विरोध किया था और ग्रामीणों ने पर्यावरणीय स्वीकृति को निरस्त कराने एनजीटी में याचिका दायर की गई थी,
जिस पर एनजीटी ने उक्त पर्यावरणीय स्वीकृति को निरस्त कर दिया था,बावजूद इसके परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई की स्वीकृति मिल गई जिस पर ग्रामीणों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी तथा प्रकरण लंबित है,वहीं वन विभाग के अधिकारियों द्वारा जो ग्राम सभा का प्रस्ताव दिखाया जा रहा है वह पूर्णत: कूटरचित व फर्जी है,
ग्रामीणों का कहना है कि इसके पूर्व तमनार थाने में भी उन्होंने ग्राम सभा को फर्जी करार देते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए लिखित शिकायत की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, वे चाहते हैं कि मामले में उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए,



