जशपुर / ‘हर दिन 1% ब्याज’ मिलने का का झांसा देकर किसानों व ग्रामीणों से करोड़ों की ठगी करनेवाले दो आरोपियों को जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किया गिरफ्तार, ठग कंपनी के प्रतिनिधियों ने कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा, बिलासपुर सहित कई जगहों पर मीटिंग आयोजित कर सैकड़ों ग्रामीणों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए कराए निवेश।
दरअसल थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत मदनपुर, इंजिको निवासी प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव उम्र 43 वर्ष ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह खेती-बाड़ी ठेकेदारी का काम करता है, वर्ष 2023 में उसे तथा उसके साथी क्रमशः डॉ पीताम्बर साय निराला, सुकुंद चौहान, राजेंद्र भगत को पत्थलगांव के एक हॉटल मान्या से उसके एक परिचित ने फोन कर बताया कि, एक कंपनी से कृषि प्रोडक्ट की जानकारी देने के लिए एक व्यक्ति संतोष कुमार साव, हॉटल मान्या में आए हुए हैं,


जिनके द्वारा कृषि प्रोडक्ट की जानकारी दिया जाना है अतः आप लोग हॉटल मान्या आ जाए, जिस पर प्रार्थी अपने उक्त साथियों के साथ हॉटल मान्या पहुंच गया व कृषि प्रोडक्ट की जानकारी देने आए व्यक्ति संतोष कुमार साव से उनकी मुलाकात हुई, इस दौरान संतोष कुमार साव ने प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव व उसके साथ आए साथियों को अपने झांसे में लेते हुए बताया कि वह घरघोड़ा, पत्थलगांव में प्रोडक्ट बेस कंपनी (सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन) में कार्य कर रहा है,
कंपनी एक कृषि संबंधी प्रोडक्ट्स का नया प्लांट लगाने वाली है, जिसमें निवेश करने पर अच्छा खासा लाभ मिलेगा व प्रति महीना जमा रकम पर ब्याज मिलता रहेगा, जिस पर प्रार्थी व उसके साथियों तथा पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत अन्य ग्रामीणों के द्वारा भी संतोष कुमार साव के बताए अनुसार कंपनी में निवेश हेतु रकम दिया गया था,
निवेश के कुछ महीने तक रकम प्रार्थी व उसके साथियों तथा ग्रामीणों को प्रतिमाह ब्याज का रकम मिल रहा था फिर उसके बाद पैसा आना बंद हो गया,पैसा आना बंद होने पर प्रार्थी व उसके साथियों ने, संतोष कुमार साव से संपर्क किया, व पैसा न आने का कारण पूछने पर उन्हें उक्त सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन नामक कंपनी के एम. डी. मोहम्मद सिराज आलम से मिलवाया गया,
जहां मोहम्मद सिराज आलम के द्वारा पुनः प्रार्थी व उसके साथियों को गुमराह करते हुए, झांसे में लेकर बताया गया कि उसकी कंपनी एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स बेस कंपनी नहीं है, बल्कि एक ट्रेडिंग कंपनी है और कंपनी का सारा प्लान बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी, सेबी में रजिस्टर्ड है, व 12 वर्षों से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रही है,
उनकी कम्पनी रकम निवेश कराने का काम करती है, जो भी निवेशक उनकी ट्रेडिंग कंपनी में निवेश करता है, उसे प्रतिदिन 1प्रतिशत का लाभ मिलता है, व 10 महीनों में उनका मूलधन लगभग दुगना से अधिक हो जाता है और बताया कि जांजगीर चांपा के रहने वाले हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू , उसके बिजनेस पार्टनर हैं,
उनके द्वारा निवेश की रुपए का चेक के माध्यम से बैंक गारंटी भी दिया जाता है, हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू के द्वारा प्रार्थी व उनके साथियों तथा अन्य निवेशकों को झांसे में लेते हुए, अक्टूबर 2023 में अलग -अलग समय में, कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा, बिलासपुर में मीटिंग का आयोजन कर उनसे करोड़ों रुपए का कंपनी में निवेश कराया गया व निवेश की रकम पर, गारंटी के तौर पर फेडरल बैंक व इंडसइंड बैंक का चेक दिया गया था,
इस प्रकार प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव के द्वारा ऑन लाइन व नगद मिलाकर 1करोड़ 80 लाख रु, उसके साथी लक्ष्मण केशवानी के द्वारा 95 लाख रुपए, कमलेश यादव के द्वारा 10लाख, भूषण पटेल के द्वारा 33 लाख रुपए, डॉ पीताम्बर साय निराला के द्वारा 25 लाख रु, राजेश देवांगन के द्वारा 15 लाख रुपए, इस प्रकार अन्य लोगों से भी रु लेकर कुल कुल 06 करोड़ रुपए की ठगी की गई है,
निवेशकों के द्वारा अपनी रकम वापस मांगने पर वर्ष 2024 में ठगों के द्वारा हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड बनने के नाम पर उड़ीसा के सुंदरगढ़ में मीटिंग आयोजित कर निवेशकों के आधार कार्ड, पेन कार्ड जैसे दस्तावेज लेकर व निवेशकों के हस्ताक्षर लेकर निवेशकों के नाम पर सी बुल्स सहयोग निधि, रियल स्टेट व फाइनेंस लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रेशन करा दिया गया और निवेशकों को उसका मेंबर व डायरेक्टर बना दिया गया,
कंपनी के द्वारा अपने वेब साइट को बंद कर दिया गया है व सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी के डायरेक्टर व उसके सदस्यों से संपर्क करने पर उनके द्वारा, कंपनी में लॉस का बहाना बना कर रकम वापसी हेतु टाल मटोल किया जा रहा है व अपने फोन को भी बंद कर दिया गया है,
चूंकि मामला आम ग्रामीणों से करोड़ों रुपए की ठगी से संबंधित था अतः, मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर तत्काल थाना पत्थलगांव में प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव की रिपोर्ट पर भा.द. सं 1860 की धारा 420,120(बी) व 34 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया,पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते जांजगीर व शक्ति से मामले में संदिग्ध आरोपी क्रमशः हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू को हिरासत में लेकर लाया गया है,
मामले में पुलिस की जांच जारी है, पुलिस ने ठगी से संबंधित सभी संदिग्धों को चिन्हित कर लिया है, जो कि फरार है उनकी पता साजी जारी है, उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा, पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ठगो के द्वारा, निवेश के पश्चात,
जिससे कि निवेशकों के निवेशित रकम साल भर में तीन गुणा से भी अधिक हो जाती, उदाहरण के तौर पर यदि एक निवेशक कंपनी में 10 हजार रु लगाता तब उसे प्रति दिवस 100 रु मिलता व 365 दिन में उसे 36, 500रु की रकम प्राप्त होती, जो कि निवेशित रकम की तीन गुना से भी अधिक होती। मगर ठगो के द्वारा, निवेशकों से रकम लेकर शुरुआत के पांच माह में उन्हें 1प्रतिशत ब्याज के रूप में कुछ रकम वापस किया गया, बाद में रकम देना बंद कर दिया गया,
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि कंपनी के द्वारा कोई अलग से रकम, ब्याज के तौर पर नहीं दी जाती थी, बल्कि निवेशकों के रुपए को ही, अन्य निवेशकों को ब्याज के तौर पर दिया जाता था, जब नए निवेशक जुड़ना बंद हो गए तब कंपनी के द्वारा निवेशकों को ब्याज का रकम देना बंद कर दिया गया व निवेशकों की रकम को हड़प लिया गया,
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा, उक्त ठगी का खुलासा करने हेतु, एस डी ओ पी पत्थलगांव धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी, जिनके द्वारा जांच करते हुए, मामले की तह तक जाकर पुलिस अधीक्षक शक्ति, श्रीमती अंकिता शर्मा व जिला जांजगीर चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय पांडे से संपर्क कर जिला शक्ति व जांजगीर चांपा की पुलिस टीम के सहयोग से उक्त ठगी के दो आरोपियों क्रमशः हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू को हिरासत में लिया गया,
पुलिस के द्वारा जब आरोपी संतोष कुमार साहू को हिरासत में लेने हेतु उसके घर में दबिश दी गई, तब उनके परिजनों के द्वारा पुलिस टीम के साथ हुज्जत करने का प्रयास किया गया, परंतु पुलिस के द्वारा समझदारी के साथ उनके विरोध को दबा दिया गया व आरोपी संतोष कुमार साहू को हिरासत में लिया गया,पुलिस की पूछताछ पर आरोपी हरिशरण देवांगन व संतोष कुमार साहू के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।



