नई दिल्ली /उत्तर प्रदेश की संभल पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन गिरोह का बड़ा भंडाफोड किया है,पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, दरअसल ये चौंका देने वाला ये मामला जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के गांव पतरौआ से सामने आया है,ये गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ मुस्लिम लड़कियों के आधार कार्ड में नाम बदलवा कर उनके हिंदू नाम रख दिया करता था इसके बाद ऐसे अविवाहित युवकों को तलाश कर शादियां करा दिया करता था।

कुछ दिन बाद ऐसी दुल्हनियां ससुराल से नगदी और गहने लेकर फरार हो जाती थीं,संभल पुलिस के मुताबिक ये गिरोह 50 से 70 हजार रूपये लेकर शादियां करवाता था,इस गिरोह से जुड़ी अभी अन्य कुछ लुटेरी दुल्हनें फरार बताई जा रही हैं,इनकी तलाश की जा रही है साथ ही आधार कार्ड में नाम संसोधित करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मामले में संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया,उन्होंने बताया कि ये मामला चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के गांव पतरौआ से सामने आया था,गांव में पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन पूजा उर्फ आयाशा खातून से पुलिस पुछताछ के बाद खुला,इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने अभी तक तीन आरोपितों में काजल उर्फ नूरजहां खातून निवासी पश्चिम बंगाल, राजीव निवासी बदायूं और पूजा उर्फ आयाशा खातून निवासी पश्चिम बंगाल को जेल भेजा है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने ये भी बताया कि पश्चिम बंगाल की दो लडकियों ने हिंदू नाम रखकर शादियां की थीं,बदायूं के बिनावर निवासी राजीव और महिला काजल उर्फ नूरजहां खातून इस गिरोह में बिचौलिया थी,ये आरोपी आधार कार्ड में नाम बदलवा कर शादियां करवाते थे शादी के कुछ दिन बाद दुल्हन सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर ससुराल से भाग जाती थी,
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि 22 दिसंबर 2025 को भोला का विवाह आरती नाम की युवती से 55 हजार में करवाया गया,9 जनवरी 2026 को राजू की शादी पूजा उर्फ आयशा खातून से 53 हजार रुपये में कराई,इसी दिन परमेश की शादी 75 हजार रुपये लेकर कराई गई थी और मोनू मिश्रा मुरादाबाद निवासी की शादी 70 हजार रुपये लेकर इशिका नाम की युवती से कराई गई थी,
फिर 18 जनवरी को आरती 19 जनवरी को इशिका नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गई,20 जनवरी को पूजा भागने की फिराक में थी कि शक होने पर पति राजू और गांव वालों ने उसे पकड़ लिया,पुलिस पूछताछ में आयाशा ने कबूल किया कि वो पहले से ही शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे भी हैं।
काजल उर्फ नूरजहां ने बताया कि वह अपने शौहर को छोड़कर आई फिर हिंदू धर्म अपनाया और बदायूं के राजीव से शादी कर चुकी है। आरोपी काजल उर्फ नूरजहां खातून और राजीव द्वारा लड़कियों को पहले से ही ये बताया जाता था कि ससुराल में शादी के 6 दिनों तक रहना है और फिर चुपचाप नकदी, सोने-चांदी के आभूषण लेकर भाग जाना है।
फिलहाल पुलिस ये जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और किन्हे शिकार बनाया है,वहीं अधार कार्ड में फर्जी तरीके से नाम संसोधित करने वाला शख्स कौन है ?




