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सुरक्षाबल के जवानों को टारगेट करने के लिए लगाये गए IED के चपेट में आई महिला नक्सली,गंभीर रूप से घायल महिला माओवादी के लिए देवदूत बने पुलिस जवान–

बीजापुर/नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र में बंदेपारा के जंगल में आईईडी विस्फोट हुआ है,यहाँ सुरक्षाबल के जवानों को टारगेट करते हुए कुछ माओवादी IED लगा रहे थे, उसी दौरान IED विस्फोट हो गया जिसमें एक महिला माओवादी गंभीर रूप से घायल हो गई,महिला माओवादी के घायल होने के बाद उसके टीम के साथी उसे गंभीर हालत में छोड़कर मौके से भाग गए और साथी घायल माओवादी का हथियार अपने साथ ले गए,

स्थानीय ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची,पुलिस के जवानों ने घायल महिला नक्सली को ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल भेजा जहाँ अभी उसका इलाज चल रहा है, घायल महिला माओवादी की पहचान गुज्जा सोढ़ी के रूप में हुई है वह करीब 7 सालों से मद्देड़ एरिया कमेटी में एक्टिव है,शुरुआती जानकारी के अनुसार वह पार्टी सदस्य के रूप में काफी सक्रिय थी और 12 बोर हथियार लेकर चलती थी,

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पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जहां एक ओर माओवादी संगठन अपने ही साथियों को संगठन छोड़ने पर मौत के घाट उतार रहे हैं, वहीं घायल या बीमार साथियों की उपेक्षा कर उन्हें जंगल में तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ देते हैं,संगठन के भीतर न कोई मानवीयता, न कोई सहानुभूति,उन्होंने कहा कि माओवादियों की नीति है “या तो लड़ो, या मरो”, जिसमें घायल साथियों को बोझ समझकर त्याग दिया जाता है,वहीं बड़े कैडर के माओवादी आपस में लड़ रहे है और निचले स्तर के माओवादियों में बिखराव की स्थिति हो गई है,

इधर जिला पुलिस ने बीजापुर के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि समाज से भटके युवाओं से हिंसा के रास्ते को त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ें,यहाँ पुलिस हर संभव सहायता हेतु तत्पर है, आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जवान लगातार कार्रवाई कर रहे हैं…