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रायगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद…

रायगढ़/रायगढ़ पुलिस ने पुलिस ने चोरी की बाइक बेचने और खरीदने वाले पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद,साथ ही चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपी भी गिरफ्तार, करीब 15 लाख की संपत्ति जप्त, 

साइबर थाना व पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया है, वही साथी शिव नागवंशी फरार बताया जा रहा है,दरअसल रायगढ़ जिले में हो रही लगातार बाइक चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा सभी थाना प्रभारियों को पुराने चोरों और बाइक चोरी करने वालों पर विशेष निगाह रखने निर्देशित किया गया था,

इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान और किलकिला निवासी शिव नागवंशी मिलकर पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ और ओड़िशा के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेच रहे हैं। 

सूचना पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक और थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव को संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए,संयुक्त टीम ने ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर बाइक चोरी करना और उन्हें बेचने की बात स्वीकार की। 

आरोपी ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में थाना पूंजीपथरा क्षेत्र के सराईपाली बाजार से एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल और अगस्त 2025 में तुमीडीह बाजार से एक पल्सर मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा मार्च 2026 में थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एक एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया। इन मामलों में थाना पूंजीपथरा (अपराध क्रमांक 56/25 और 178/25) और थाना धरमजयगढ़ में पूर्व से अपराध (अपराध क्रमांक 81/26) दर्ज हैं।


आरोपी सुखदेव चौहान ने बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को बेची थीं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं आरोपी सुखदेव चौहान द्वारा अपने बाड़ी में छिपाकर रखी गई 7 अन्य मोटरसाइकिल भी जप्त की गई।

  पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है, जिनकी बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये है। आरोपियों द्वारा संगठित रूप से बाइक चोरी करना स्वीकार किए जाने पर प्रकरण में धारा 112(1) बीएनएस जोड़ी गई है,वहीं चोरी की संपत्ति खरीदने वाले आरोपियों के विरुद्ध धारा 317(2),317(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों पेशे से ड्राइवर हैं और गाड़ियों की मरम्मत का काम भी जानते हैं, इसी वजह से वे पेचकस और अन्य सामान्य औजारों की मदद से आसानी से मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर बाइक चोरी कर लेते थे,चोरी के बाद वे मोटरसाइकिलों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में सस्ते दामों में बेच देते थे।

कार्रवाई में शामिल टीम – एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर सेल श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई उमाशंकर विश्वाल, एएसआई नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक बृजलाल गुर्जर, आरक्षक प्रशांत पंडा, महेश पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान थाना पूंजीपथरा के प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, राधेश्याम कमल, आरक्षक विनय तिवारी एवं थाना लैलूंगा के प्रधान आरक्षक नंदु पैंकरा, राजू तिग्गा, चमर साय भगत, जितेंद्र कुर्रे हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।