बिलासपुर/ बिलासपुर में हुए मेमू ट्रेन हादसे में होनहार छात्रा प्रिया चन्द्रा की भी दर्दनाक मौत हो गई,हादसे की खबर के बाद से परिजन चिंतित थे और यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा,रात करीब ढाई बजे उसका शव कोच से बाहर निकाला जा सका,

मिली जानकारी के अनुसार सक्ती जिला के जैजैपुर के ग्राम बहेराडीह निवासी सदाफल कबीर पंथ परिवार के अशोक चन्द्रा (प्रबंधक सेवा सहकारी समिति तुषार) की पुत्री प्रिया चन्द्रा गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बायो टेक्नोलॉजी विभाग में बीएससी की पढ़ाई कर रही थी,उसके निधन पर चन्द्रा समाज ने शोक व्यक्त किया है। गांव में शोक व्याप्त है,

मालगाड़ी को टक्कर मारने के बाद मेमू लोकल के इंजन और उससे लगा हुआ महिला आरक्षित बोगी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था,इस दौरान अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए बोगी और सीट को कटर से काटना पड़ा,रात करीब 10 बजे तक 8 शव निकाल लिए गए थे, जबकि एक घायल ने रेलवे अस्पताल में दम तोड़ दिया,

तीन यात्री बोगी में फंसे हुए थे जिन्हें निकालना मुश्किल हो रहा था,लिहाजा, देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ट्रेन की बोगी को क्रेन की मदद से रेलवे साइड पर लाया गया, जिसके बाद क्रेन और कटर की मदद से ही बोगी की खिड़कियों और सीटों को अलग किया गया,तब जाकर करीब 10 घंटे बाद रात 2.30 बजे प्रिया चन्द्रा सहित तीन शवों को बाहर निकाला गया।



