रायपुर/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जनहितैषी संबोधन के वीडियो में छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में सिविल लाइंस थाना रायपुर में FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में आदिवासी युवाओं को “एक रुपए प्रति एकड़” पर जमीन देने की घोषणा की थी, जिसे फेक वीडियो में “एक रुपए प्रति किलो” दिखाकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया,पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गंभीरता देखते हुए भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री साय की छवि को धूमिल करने के प्रयास पर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी की लिखित शिकायत और शहर जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल की मांग पर सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई।


आरोपी सूची में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र की निवासी मनीषा गोंड का फेसबुक अकाउंट और “भूपेश है तो भरोसा है” नामक फेसबुक पेज शामिल हैं। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 336(2), 336(4), 340(2), 356(2), 352, 353(1)(b) और 353(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
रायगढ़ के बोईरदादर में 2 दिसंबर को आयोजित जिला स्तरीय सामाजिक सम्मेलन और सामाजिक भवन लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज के युवाओं को व्यवसाय और उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी युवा अपने व्यवसाय या उद्योग की शुरुआत करना चाहते हैं, तो सरकार उन्हें “एक रुपए प्रति एकड़” की दर से भूमि उपलब्ध कराएगी।
यह पहल युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित किसानों और आम जनता को आश्वस्त किया कि सरकार उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपने क्षेत्र में छोटे और मध्यम उद्योग स्थापित करने की पहल करने को कहा और आश्वासन दिया कि प्रशासन इस प्रक्रिया में हर संभव सहायता करेगा।
भाजपा के अनुसार, इसी मूल बयान को एडिट कर सोशल मीडिया पर “एक रुपए किलो” के रूप में पेश किया गया और जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया ताकि मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हो।
मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने की साजिश का तार रायगढ़ जिले से जुड़ा होने के कारण, छत्तीसगढ़ पुलिस ने जिले में तकनीकी निगरानी सक्रिय कर दी है। सूत्रों के अनुसार, रायगढ़ जिले में कई अन्य सोशल मीडिया हैंडल सक्रिय हैं जो फेक कंटेंट और भ्रामक जानकारी साझा कर रहे हैं। पुलिस ने ऐसे हैंडलर्स पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। साइबर सेल रायगढ़ इन अफवाहबाजों की प्रोफाइल और गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि “मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन यह प्रगति कुछ दलों को रास नहीं आ रही है। यही कारण है कि वे मुख्यमंत्री की बेदाग और लोकप्रिय छवि को खराब करने के लिए अब फर्जी वीडियो और एडिटिंग जैसे निम्न स्तर के हथकंडे अपना रहे हैं।”
प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने इस कृत्य को कानून की दृष्टि से एक जघन्य अपराध बताया। उन्होंने बल देते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक दुष्प्रचार नहीं है, बल्कि आईटी एक्ट के तहत भी कठोरतम कार्रवाई की मांग की जाती है, ताकि ऐसे षड्यंत्रों को रोका जा सके।



