Skip to content

मध्य नगरी आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में ननकी राम कंवर की अनुपस्थिति – प्रशासन और सरकार पर बड़ा सवाल!

कोरबा।मध्य नगरी आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कैबिनेट मंत्रीगण तो पहुंचे, लेकिन कोरबा के वरिष्ठतम आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अनुपस्थिति ने इस पूरे आयोजन की गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।

ननकी राम कंवर, जिन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन में कई महत्वपूर्ण विभागों की बागडोर संभाली, अपने ही गृह जिले में आयोजित इस अहम बैठक से दूर रहे। यह न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है बल्कि यह सरकार और प्रशासन के रवैये पर भी तीखा सवाल खड़ा करता है।

Ad

जब उनसे कार्यक्रम में न आने का कारण पूछा गया, तो ननकी राम कंवर ने साफ कहा –
“मुझे कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत द्वारा किसी प्रकार का सम्मानजनक निमंत्रण पत्र नहीं दिया गया, न ही कोई सूचना दी गई। ऐसे में किसी शासकीय कार्यक्रम में बिना आमंत्रण जाना उचित नहीं समझा।”

यानी साफ है कि जिस कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों के विकास की रूपरेखा तय करना था, उसी कार्यक्रम से आदिवासी समाज के सबसे वरिष्ठ नेता को ही दरकिनार कर दिया गया। यह केवल प्रशासन की लापरवाही नहीं बल्कि सरकार की मंशा पर भी गहरा संदेह उत्पन्न करता है।

ननकी राम कंवर ने भले ही आगे कुछ कहने से परहेज किया हो, लेकिन उनकी चुप्पी ही बहुत कुछ कह जाती है। आदिवासी समाज और कोरबा की राजनीति में यह संदेश गहराई तक जा चुका है कि सत्ता और प्रशासन अब अपने ही दिग्गज नेताओं की अनदेखी करने लगा है।

प्रश्न यह है कि –
👉 क्या यह प्रशासन की मात्र भूल है?
👉 या फिर सरकार के भीतर आदिवासी नेतृत्व को हाशिये पर धकेलने की एक सुनियोजित चाल?

इस घटना ने न सिर्फ बैठक की गरिमा पर धब्बा लगाया है, बल्कि आदिवासी समाज के बीच सरकार की साख को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।