कांकेर /कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम परवी में मतांतरित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को पद से हटाने के लिए ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित किया है,तीन गांव के ग्रामीणों ने मिलकर जिला कलेक्टर को इस संबंध में ज्ञापन दिया है,ग्रामीणों एक सप्ताह के भीतर उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

दरअसल जिले के आदिवासी अंचलों में मतांतरण को लेकर असंतोष लगातार गहराता जा रहा है,अब यह विरोध आंगनबाड़ी और मितानिन तक पहुंच गया है,भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम परवी में ग्रामसभा ने मतांतरित आंगनबाड़ी सहायिका और मितानिन को पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया है,सरपंच के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।

इससे पहले पुसागांव और भैंसमुडी में भी इसी तरह की मांग उठ चुकी है, जबकि बड़ेतेवड़ा में मतांतरित व्यक्ति के शव दफनाने के मामले ने हिंसक रूप ले लिया था,मंगलवार को ग्राम परवी में आयोजित ग्रामसभा में मतांतरित आंगनबाड़ी सहायिका और मितानिनों को पद से हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
मतांतरित परिवारों के विरुद्ध ग्राम और पंचायत स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी कलेक्ट्रेट को दी गई है,ग्रामीणों का कहना है कि मतांतरण के बावजूद गोंड़ परिवारों द्वारा आरक्षण सहित शासकीय सुविधाओं का लाभ लिया जा रहा है जिसे तत्काल बंद किया जाए।




