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बीमा के रूपयें पाने के लिए यूवक ने रच डाली अपने मृत होने की झुठी कहानी,युवक का था 40 लाख रुपये का बीमा…..

जांजगीर चाम्पा /बीमा के चालीस लाख रूपयें से अपने पिता का कर्ज चुकाने के लिए यूवक कौशल श्रीवास रच डाली अपने मृत होने की झुठी कहानी, कौशल श्रीवास द्वारा सुनियोजित तरिके से पैसर पूल में अपने मो.सा. को एक्सीडेंट कर स्वयं नदी में बह जाने की कहानी रची थी, पर युवक की चुक और उसपर पुलिस की सायबर टीम ने सक्रियता पड़ताल कर गुम इंसान की झुठी कहानी का पर्दाफाश कर दिया,

दरअसल घटना दिनांक 19.08.2025 को सूचक गुम इसान के पिता तिलक राम श्रीवास निवासी तनौद थाना शिवरीनारायण द्वारा थाना पामगढ़ पुलिस को सूचना दिया, कि इसके छोटे पुत्र कौशल श्रीवास उर्फ मोनू उम्र 21 साल जो बिना बितायें घर से शाम करीबन 07.00 बजे लगभग अपने मोटर सायकल सीजी 11-बीसी-7560 से गांव घुम कर आता हुं कहकर अपने मां के मोबाईल को भी लेकर निकला था,

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जो रात्रि करिबन 09.00 बजे के आस-पास गुम इंसान के परिजन भाई जागेश्वर श्रीवास को सूचना प्राप्त होता है, कि तुम्हारे घर का मोटर सायकल एवं मोबाईल फोन शिवनाथ नदी के पूल पैसर घाट में मिला है, तब गुम इंसान के परिजन मौका स्थल पहुचकर गुम इंसान के साथ अप्रिय घटना होने के अंदेशा पत्र तत्काल थाना पामगढ को सूचित कर गुम इंसान दर्ज कराया था,

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने गुम इंसान की पतासाजी हेतु थाना पामगढ़ पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रात्रि में ही मौका स्थल जाकर निरीक्षण कर गुम इंसान द्वारा प्रयुक्त मोटर सायकल, गुम इंसान का जुता, गुम की माँ का मोबाईल को बरामद किया जाकर गुम इंसान की पतासाजी की जा रही थी।

युवक की अचानक गुम होने की घटना को देखते हुए एवं मामला गंभीर होने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेष कुमार कश्यप के कुशल मार्ग दर्शन में सायबर टीम द्वारा गुम इंसान का हर हाल में पतासाजी हेतु त्वरित घटना स्थल जाकर सायबर तकनीकी जानकारी इकट्टा कर जांच करने पर ज्ञात हुआ कि गुम इंसान द्वारा अपने दोस्त को सोशल मीडिया इंस्टाग्राम के माध्यम से गुम इंसान द्वारा दिनांक 20.08.2025 को अपने आप को सुरक्षित होने की सूचना दिया था।

सायबर सेल द्वारा सभी तकनीकी संसाधन का उपयोग कर गुम इंसान की पतासाजी कर रही थी तभी दिनांक 23.08.2025 को शाम करीबन 05.00 बजे एक अज्ञात फोन नंबर से गुम इंसान के भाई के फोन पर काॅल आता है जो अपने आप को कौशल श्रीवास होना बताया जिस पर उपरोक्त फोन नं. का तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त फोन को गुम इंसान द्वारा एक राहगीर से बिलासपुर रेलवे स्टेशन में बात करने के लिए मांग कर उपयोग किया था, जिस पर सायबर सेल एवं पामगढ पुलिस द्वारा तत्काल आरपीएफ बिलासपुर एवं उसलापुर को गुम इंसान का फोटो भेजकर स्टेशन क्षेत्र में पतासाजी करने सूचना दिया गया।

इसी क्रम जांजगीर की सायबर टीम को मुखबीर सूचना मिला कि गुम इंसान के हुलिया का एक व्यक्ति तोरवा बिलासपुर क्षेत्र में घुम रहा है, जिस पर सायबर टीम तत्काल गुम इंसान के परिजन को साथ लेकर तोरवा क्षेत्र पहुंचकर गुम इंसान को सकुशल तोरवा बिलासपुर से बरामद किया गया,गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा पुलिस व अपने परिवार, गांव वालो को गुमराह करना पाए जाने से उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी,

गुम इंसान कौशल श्रीवास से पूछताछ करने पर पता चला कि गुम इंसान के पिता का लाखो रूपये का कर्जा है तथा उसके चुकाने में असक्षम होने से गुम इंसान परेशान रहता था,गुम इंसान का 40 लाख रूपयें का बीमा था घर की परेशानी सेे छुटकारा पाने के लिए गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा योजना बनाकर अपने आप को मृत घोषित कर अपने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उपरोक्त घटना कारित करना स्वीकार किया,

दिनांक घटना के बाद गुम इंसान घटना स्थल से पैदल पामगढ़ गया वहां से बस से बिलासपुर दिनांक 20.08.2025 को पहुंचा एवं बिलासपुर रेलवे स्टेशन से छ.ग. एक्सप्रेस से दिल्ली फरिदाबाद दिनांक 21.08.2025 को पहुंचा, रात्रि स्टेशन में रहा तथा दिनांक 22.08.2025 को वापस स्टेशन से बिलासपुर के लिए निकला तथा दिनांक 23.08.2025 को बिलासपुर पहुंचा यात्रा के दौरान अपने मोबाईल को स्टेशन से फेकना बताया,, गुम इंसान की पतासाजी करने में सायबर सेल जांजगीर एवं थाना पामगढ़ पुलिस की सराहनीय भूमिका रही।