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बालको ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों के सपनों को दिया पंख,कोरबा के प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम में बहु-खेल प्रशिक्षण केंद्र युवा प्रतिभाओं को गढ़ रहा है, राष्ट्रीय स्तर पर बना रहा है पहचान

कोरबा,30 अगस्त, 2025: वेदांता समूह की भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा संचालित खेल अकादमी, जहाँ एक साल पहले मात्र 20 बच्चों के साथ एक सपने की शुरुआत हुई थी, आज 100 से अधिक युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय स्तर पर छा रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर, यह अकादमी समर्पण, सहयोग और सफलता की एक जीवंत मिसाल बन चुकी है।

नगर निगम कोरबा के सहयोग से प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम में स्थापित इस अकादमी का लक्ष्य केवल खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि आत्मविश्वासी और सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है।

एक साल में छलांग, सपनों को मिली नई उड़ान

अगस्त 2024 में 20 प्रतिभाशाली बच्चों के चयन के साथ शुरू हुई इस अकादमी में आज 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 100 से अधिक रेजिडेंशियल और डे-बोर्डिंग छात्र-छात्राएँ फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और तैराकी में दक्षता हासिल कर रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ कोचिंग ने इन युवाओं के सपनों को एक मजबूत आधार दिया है।

राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों ने रचा इतिहास

अकादमी के खिलाड़ी पहले ही जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा चुके हैं। फुटबॉल खिलाड़ी बिशाल साव और निखिल बरेठ ने छत्तीसगढ़ राज्य टीम में जगह बनाई है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी दिलीप यादव और वॉलीबॉल खिलाड़ी श्रेयांश साहू ने अपनी सफलता का श्रेय अकादमी में मिल रहे प्रशिक्षण और मार्गदर्शन को दिया।

बेटियों ने भी खेलों में दिखाया दमखम

लड़कियों ने भी हर मोर्चे पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। लड़कियों की फुटबॉल टीम ने जिला स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, तैराक निशिता ने डीएवी नेशनल्स में कांस्य पदक जीतकर अकादमी का नाम रोशन किया।

समग्र देखभाल: सफलता की कुंजी

अकादमी की सफलता के पीछे एक मजबूत सहयोग प्रणाली है। फिजियोथेरेपी, चिकित्सकीय देखभाल, संतुलित पोषण, विशेषज्ञ कोचिंग और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था खिलाड़ियों को निडर होकर अभ्यास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद करती है।

अकादमी की प्रशासक सुश्री नेहा पांडे ने कहा, “बालको का लक्ष्य हमेशा से खिलाड़ियों में अनुशासन, मेहनत और सर्वांगीण विकास की भावना को मजबूत करना रहा है। आज हमारे खिलाड़ी जिस तरह प्रगति कर रहे हैं, वह हमारे सपनों को साकार कर रहा है।”

बालको की इस पहल ने न केवल स्थानीय युवाओं को एक मंच दिया है, बल्कि यह साबित किया है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधनों से कोई भी सपना हासिल किया जा सकता है।