नई दिल्ली /केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं शाह ने कहा कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकियों को भारतीय सेना ने मार गिराया है।
अमित शाह बोले:-

- मैं आज चिदंबरम जी को आपके माध्यम से कहना चाहता हूं और हमारे पास प्रूफ हैं कि वो तीनों पाकिस्तानी थे।
- तीन में से दो के पाकिस्तानी वोटर नंबर भी हमारे पास उपलब्ध हैं।
- ये राइफलें भी हैं उनके पास से जो चॉकलेट मिली है वो भी पाकिस्तान में बनी है।
- ये कहते हैं कि वो पाकिस्तानी नहीं थे इसका मतलब है कि देश का एक पूर्व गृह मंत्री पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहा है।
- ये हमारे देश की सेना, CRPF और जम्मू कश्मीर पुलिस तीनों की साझा तौर पर बहुत बड़ी कामयाबी है,हमें इस पर गर्व होना चाहिए।
- मुझे अपेक्षा थी कि जब ये (विपक्ष) पहलगाम के आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सुनेंगे तो खुश होंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि ये (विपक्ष) इससे खुश नहीं हैं,ये किस तरह की राजनीति है ?
- NIA ने पहले से ही इन 3 आतंकियों को पनाह देने वालों और खाना पहुंचाने वालों को गिरफ्तार कर लिया था,
- कल जब इन आतंकवादियों के शव श्रीनगर आए तो इनसे पहचान कराई गई, जिसमें से 4 लोगों ने पहचान लिया कि यही 3 लोग थे जिन्होंने पहलगाम में आतंकी घटना को अंजाम दिया था।
- 22 मई को हमें सेंसर के माध्यम से आतंकवादियों के होने की पुष्टि मिली,फिर हमारी 4 पैरा के नेतृत्व में CRPF के जवान और जम्मू कश्मीर के जवानों ने एक साथ आतंकवादियों को घेरने का काम किया।
- 1 बजे वहां हमला हुआ था और मैं 5.30 बजे श्रीनगर पहुंच गया था,23 अप्रैल को एक सुरक्षा मीटिंग की गई और उसमें निर्णय किया गया और इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई कि नृशंस हत्या करने वाले हत्यारे देश छोड़कर न भाग पाएं।

अमित शाह ने कहा, “पहलगाम हमले के तुरंत बाद, मैंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी, मैंने अपने सामने एक महिला को खड़ा देखा जो अपनी शादी के 6 दिन बाद ही विधवा हो गई थी – मैं उस दृश्य को कभी नहीं भूल सकता,
मैं आज सभी परिवारों को बताना चाहता हूं कि मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उन लोगों को भेजने वालों को मारा और आज हमारे सुरक्षा बलों ने उन लोगों को भी मारा जिन्होंने हत्याएं की थी,
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “कल के ऑपरेशन में तीनों आतंकवादी सुलेमान, अफगान और जिबरान मारे गए जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था,जब इन आतंकवादियों के शव श्रीनगर लाए गए तो हमारी एजेंसियों की ओर से हिरासत में रखे गए लोगों ने उनकी पहचान की,,,,


