नई दिल्ली/राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके से एक दिन पहले एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार महिला का नाम डॉ. शाहीन शाहिद है। उसे जम्मू-कश्मीर पुलिस और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त टीम ने दबोचा। जांच एजेंसियों के मुताबिक शाहीन शाहिद का सीधा संबंध उसी आतंकी नेटवर्क से है, जिसका नाम दिल्ली ब्लास्ट में सामने आया है। इस धमाके में 10 लोगों की मौत और 20 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है।

जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की इंडिया हेड-एजेंसियों का कहना है कि डॉक्टर शाहीन शाहिद, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा ‘जमात-उल-मोमिनीन’ की भारत प्रमुख (इंडिया हेड) है। वह आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के निर्देश पर काम कर रही थी,शाहीन का नाम तब सामने आया जब फरीदाबाद से दो डॉक्टर डॉ. मुजम्मिल अहमद और डॉ. उमर नबी को गिरफ्तार किया गया था। तीनों मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में एक व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क चला रहे थे।

लखनऊ और फरीदाबाद में छापेमारी-डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस ने लखनऊ स्थित उसके घर पर छापा मारा। वहां से कई दस्तावेज, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन जब्त किए गए,इस दौरान एजेंसियों ने शाहीन के भाई डॉ. परवेज अंसारी को भी हिरासत में लिया, जो इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में पढ़ाते हैं।
कानपुर में लेक्चरर रह चुकी शाहीन-शाहीन शाहिद 2006 में कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में बतौर लेक्चरर नियुक्त हुई थी। कॉलेज रिकॉर्ड के अनुसार, वह 2013 में बिना अनुमति छुट्टी पर गई और फिर वापस नहीं लौटी। कई नोटिस भेजे जाने के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर 2021 में कॉलेज ने उसकी सेवा समाप्त कर दी,कॉलेज के स्टाफ के अनुसार, शाहीन शांत स्वभाव की थी, लेकिन 2013 के बाद उसने सभी से संपर्क तोड़ लिया था।
तलाक के बाद आतंकी नेटवर्क से जुड़ी-डॉ. शाहीन शाहिद की शादी महाराष्ट्र के जफर हयात से हुई थी, लेकिन 2015 में तलाक हो गया। इसके बाद वह फरीदाबाद में बस गई, जहां उसकी मुलाकात डॉ. मुजम्मिल से हुई।
धीरे-धीरे वह मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के सीधे संपर्क में आई और आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गई। शाहीन की कार से राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
NIA की जांच जारी-इस पूरे मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है,एनआईए डॉक्टर शाहीन के अकादमिक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया नेटवर्क और विदेशी संपर्कों की जांच कर रही है,एजेंसियों को शक है कि शाहीन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में थी और भारत में कट्टरपंथी महिला नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रही थी,



