रायपुर / छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड सत्यापन के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है,जहां पता चला है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक फर्जी आधार कार्ड बना दिए गए हैं और इन फर्जी आधार कार्ड के जरिए राशन कार्ड बनाकर तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है, सबसे हैरानी की बात यह है कि इसमें एक 162 साल की बुढ़ी दादी का भी नाम है,यही नहीं 1806 ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं जिनकी उम्र 100 साल से अधिक है,

दरअसल, छत्तीसगढ़ में इन दिनों राशनकार्ड वैरिफिकेशन और ई-केवाईसी के दौरान यह चौकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां खाद्य नागरिक आपूर्ति संचालनालय ने जब राशन कार्ड के फर्जीवाड़े की जांच की तो पता चला कि 100 वर्ष से अधिक आयु के 1806 लोगों के आधार नंबर का उपयोग कर राशनकार्ड बनाए गए हैं, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें एक 162 साल की बुजुर्ग महिला के आधार नंबर से राशन कार्ड नबाकर उसमें पुरुष सदस्य का नाम जोड़ दिया गया है-??


वन नेशन वन कार्ड के तहत कराए गए ई-केवाईसी और आधार सत्यापन में पता चला है कि राजधानी में डुप्लीकेट आधार से राशन कार्ड बनवाने वालों का आंकड़ा 18 हजार से अधिक है, इसके बाद दुर्ग (8,809), सरगुजा (4,776), जशपुर (3,764), राजनांदगांव (3,551) और कोरबा (3,129) जैसे जिले सूची में प्रमुख हैं,शहरी प्रवास, बस्तियों की अधिकता और तेजी से हो रहे पंजीयन प्रमुख कारण हो सकते हैं,
जहां बड़े जिलों की स्थिति भयावह है- वहीं बलरामपुर, कवर्धा और महासमुंद जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिलों में भी आंकड़े चौंकाने वाले हैं,यहाँ बलरामपुर में 4,628 डुप्लीकेट आधार, कवर्धा में 8,701 निष्क्रिय आधार, जबकि महासमुंद में 75 से अधिक 100 वर्ष के सदस्य मिले हैं,
आपको बता दें कि पूरे राज्य में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 1,806 सदस्य राशन कार्ड में दर्ज हैं, जिनके नाम पर न केवल राशन उठाया गया बल्कि कई बार स्वास्थ्य और अन्य योजनाओं का भी लाभ लिया गया,बिलासपुर, सरगुजा, जशपुर और सक्ती में सबसे अधिक शतायु सदस्य चिह्नित हैं,
खाद्य संचालनालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन राशन कार्डों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर फर्जी सदस्यों को हटाया जाएगा,इस संबंध में जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने को कहा गया है,फर्जी कार्डों के माध्यम से वर्षों से उठाए गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है,जिन राशन दुकानों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है,
छत्तीसगढ़ खाद्य संचालनालय ने राज्य के सभी कल्केटरों को सूची भेजी है,जिसमें डुप्लीकेट आधार वाले सदस्यों,100 वर्ष से अधिक उम्र व निष्क्रिय आधार कार्ड धारकों की जांच के निर्देश दिए हैं, जांच में पता चला है कि कई स्वजन द्वारा मृत या अनुपस्थित सदस्यों के नाम से भी चावल के साथ अन्य योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है,
वहीं कुछ ऐसे भी आधार कार्ड मिले हैं जो लोग दूसरे राज्यों या देशों से संबंधित हैं,इन सदस्यों के नाम पर न सिर्फ राशन उठाया गया है, बल्कि स्वास्थ्य बीमा समेत अन्य योजनाओं का भी लाभ लिया जा रहा है,राशन कार्ड के सत्यापन के दौरान पता चला है कि छत्तीसगढ़ में करीब 1 लाख के अधिक फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं,
जिसके माध्यम से राशन समेत अन्य योजनाओं का लाभ लिया जा रहा था,अकेले रायपुर में फर्जी आधार से राशनकार्ड बनवाने वालों का आंकड़ा 18 हजार से अधिक है,फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है,खाद्य संचालनालय ने संबंधित जिलों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं,इसके जांच के लिए जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने का भी निर्देश दिया गया है,,



