रायगढ़ /रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में प्रोफेसर के अपहरण और लूटकांड का 48 घंटे में पर्दाफाश चार आरोपी गिरफ्तार,रायगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लुटेरों की पूरी साजिश नाकाम, सुनियोजित तरीके से प्रोफेसर को बनाया बंधक, चाकू की नोक पर हासिल किए UPI पासवर्ड; खाते से रकम ट्रांसफर कराकर की लूट,एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में बड़ी सफलता, 99,100/- नकद बरामद; वारदात में प्रयुक्त बाइक, चाकू और मोबाइल जब्त,

पहले आरोपी को 24 घंटे के भीतर पकड़ा, फिर अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर तीन अन्य आरोपियों तक पहुंची पुसौर पुलिस,सीधे-साधे नौकरीपेशा प्रोफेसर को आसान शिकार समझकर रची थी अपहरण और लूट की साजिश, पुलिस की घेराबंदी से बेनकाब हुए चारों आरोपी,पुलिस की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सतर्कता से बंधक प्रोफेसर सकुशल मुक्त, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से पुरे घटनाक्रम का हुआ खुलासा,
दरअसल पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण एवं लूट के सनसनीखेज मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है,मामले में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने पहले आरोपी सुनील सारथी निवासी छातामुड़ा को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया,
इसके बाद लगातार दबिश, पूछताछ और घेराबंदी के जरिए मामले की साजिश का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके छोटे भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत तथा ग्राम औरदा निवासी दिनेश सारथी को भी गिरफ्तार कर लिया, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर कुल 99,100/- नकद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल,चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए हैं,इस तरह पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर अपहरण और लूट की पूरी वारदात का पर्दाफाश किया,
मामले में प्रार्थी कपूर चंद गुप्ता, पिता डमरूधर गुप्ता, उम्र 47 वर्ष, निवासी ग्राम जाकेला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह गांव के डीपापारा एवं शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे,थकान महसूस होने पर वे सड़क किनारे स्थित डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम करने लगे,
इसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें घेर लिया और पकड़कर डबरी की ओर ले गए,उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई तथा पेट, गर्दन और छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई,इसके बाद आरोपियों ने उन्हें मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर ले जाकर मारपीट की और मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM UPI एप के पासवर्ड हासिल कर लिए और
आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल से डिजिटल भुगतान की सुविधा का दुरुपयोग करते हुए एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई,
पुलिस जाचं में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित के खाते की उपलब्ध ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने तक रकम निकालने की कोशिश की, इस दौरान पीड़ित को धमकाकर उसके घर फोन भी करवाया गया, ताकि परिजनों को किसी अनहोनी का संदेह न हो,रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने पीड़ित की आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी और उसे थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी में एक कमरे में बंधक बनाकर रखा,
इधर पीड़ित के परिजनों को फोन पर बातचीत के दौरान संदेह हुआ तो उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए,परिजनों एवं ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए, सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित को सकुशल मुक्त कराकर थाने लाया गया,
पुलिस द्वारा आरोपियों से किये गए पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से ही सुनियोजित तरीके से साजिश रची थी,घटना से करीब तीन दिन पहले, 3 अक्टूबर 2026 को मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे, जहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई,
इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम तीनों आरोपी दिनेश सारथी के भाई की काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से ग्राम जकेला स्थित राइस मिल के पास पहुंचे,वहां उन्होंने प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता को सड़क किनारे अकेले बैठकर मोबाइल देखते हुए पाया,आरोपियों ने अपनी योजना के अनुसार अलग-अलग रास्तों से प्रोफेसर के पास पहुंचकर उन्हें घेर लिया और धक्का देकर गिराने के बाद पकड़ लिया,
इसके बाद उन्हें डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू की नोक पर डराया-धमकाया तथा जान से मारने की धमकी देकर उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI एप की जानकारी हासिल कर ली,वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले गए, जहां कुछ देर रुकने के बाद उसे ग्राम पंडरीपानी, थाना भूपदेवपुर क्षेत्र में एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा,
यहां भी आरोपी पीड़ित के मोबाइल से QR कोड के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर रकम अपने परिचित महिला के खाते में ट्रांसफर कराते रहे,आरोपियों ने पीड़ित को लगातार धमकाकर परिजनों से सामान्य बातचीत भी कराई, ताकि किसी को अपहरण की जानकारी न हो सके,
हालांकि, बातचीत के दौरान परिजनों को संदेह हो गया और वे तलाश करते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए,परिजनों एवं ग्रामीणों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए,घटना की सूचना मिलते ही पुसौर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और तकनीकी जानकारी, पूछताछ तथा लगातार दबिश के माध्यम से पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया,पुलिस द्वारा आरोपियों की भूमिका, डिजिटल लेन-देन और जब्त सामग्री के संबंध में आगे की विवेचना की जा रही है..




